पटना में बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। एक तरफ गंगा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे जा रहा है, तो दूसरी ओर पुनपुन नदी लगातार उफान पर है। पिछले 24 घंटे में पुनपुन के जलस्तर में 9 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। श्रीपालपुर में नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 2.95 मीटर ऊपर बह रहा है। इसके साथ ही दरधा और महतमाईन नदी के जलस्तर में भी उफान की स्थिति बनी हुई है।

नदियों के बढ़ते दबाव के बीच पानी रोकने के लिए बनाए गए जमींदारी और लघु तटबंध कई जगह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सोमवार को बड़हियाकोल के पास तटबंध करीब 15 फीट तक टूट गया, जिसके बाद नदी का पानी रिहायशी इलाकों में दाखिल होने लगा। अचानक पानी घुसने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया है।

दक्षिणी पटना के हालात इसलिए भी चुनौतीपूर्ण हो रहे हैं क्योंकि करीब छह जगहों पर रिंग बांध से पानी ओवरफ्लो कर रहा है। लगातार बढ़ते जल दबाव के बीच तटबंधों पर रिसाव और टूटने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर लोग प्रशासन से जल्द मुकम्मल इंतजाम की मांग कर रहे हैं।


सोमवार को दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर लाल निशान से 176 सेंटीमीटर, गांधी घाट पर 172 सेंटीमीटर और हाथीदह में 172 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। दीघा घाट पर खतरे का निशान 50.45 मीटर, गांधी घाट पर 48.60 मीटर और हाथीदह में 41.76 मीटर है।यानी गंगा के घटते जलस्तर से फिलहाल थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन पुनपुन समेत दूसरी नदियों का उफान दक्षिणी पटना के लिए नई चुनौती बन गया है। एक तरफ गंगा का दबाव कम हो रहा है, तो दूसरी तरफ पुनपुन और तटबंधों की स्थिति ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।