दरभंगा: रैयाम-सकरी चीनी मिलों को फिर मिलेगी रफ्तार, 2028 तक चालू करने का लक्ष्य; किसानों को प्रशिक्षण

दरभंगा: दरभंगा जिले की बंद पड़ी रैयाम और सकरी चीनी मिलों को चालू करने की पहल तेज कर दी गई है। बुधवार को डीएम कौशल कुमार ने इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधि को दोनों चीनी मिलों के गन्ना कार्यालय की चाबी सौंपी। दोनों चीनी मिलों को वर्ष 2028 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

बुधवार को आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन ग्रामीण विधायक ईश्वर मंडल, डीएम कौशल कुमार सहित अन्य लोगों ने किया। इस अवसर पर डीएम ने कंपनी के प्रतिनिधि को रैयाम और सकरी चीनी मिलों के गन्ना कार्यालय की चाबी सौंपी। बताया जाता है कि राज्य योजना के तहत गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 हजार हेक्टेयर भूमि में गन्ने की खेती का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण शिविर में कुल 350 गन्ना किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।

डीएम कौशल कुमार ने इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधि विनोद कुमार तिवारी को रैयाम और सकरी चीनी मिलों के गन्ना कार्यालय की चाबी सौंपी। उम्मीद जताई जा रही है कि कार्यालय के संचालन के बाद किसानों से जुड़े कार्य शुरू किए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान डीएम ने गन्ना किसानों से अधिक से अधिक गन्ने की खेती करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गन्ने को आसानी से चीनी मिल तक पहुंचाने के लिए क्षेत्र की सड़कों का चौड़ीकरण भी किया जाएगा।

इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधि विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि कंपनी को चीनी मिल संचालन और गन्ना उत्पादन का लंबा अनुभव है। किसानों को गन्ने की बेहतर पैदावार के लिए तकनीकी जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि रैयाम और सकरी चीनी मिलों को वर्ष 2028 तक गन्ने का लक्ष्य पूरा कर चालू करने की योजना है।

दोनों मिलों के लिए करीब 50 लाख क्विंटल गन्ने की जरूरत होगी। इसके लिए लगभग 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती आवश्यक है। इस वर्ष करीब 5 हजार एकड़ में बीज के लिए गन्ने की खेती कराने का लक्ष्य है, ताकि अगले वर्ष लगभग 25 हजार एकड़ में गन्ने की खेती की जा सके।

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