बिहार में बाढ़ का कहर, 41.45 लाख आबादी प्रभावित, बीमारियों का बढ़ा खतरा

बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान को युद्ध स्तर पर तेज कर दिया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 14 जिले पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल बाढ़ की चपेट में हैं। इन जिलों के 84 प्रखंडों की 517 ग्राम पंचायतों में करीब 41.45 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।बाढ़़  का पानी कम होते हीं बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।पानी उतरने के बाद गाद, जमा कचरा,दूषित पानी, डायरिया, डेंगू, मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है।

बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने के लिए इंतजाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। 8 सितंबर को 22,938 ड्राई राशन पैकेट बांटे गए थे, जबकि 9 सितंबर को यह संख्या बढ़कर 29,437 हो गई। पॉलिथीन शीट का वितरण भी 1,29,489 से बढ़कर 1,99,814 तक पहुंच गया है। चिकित्सा व्यवस्था के लिए संचालित शिविरों की संख्या 386 से बढ़ाकर 557 कर दी गई है।

प्रभावित आबादी के लिए सामुदायिक रसोई की संख्या भी 450 से बढ़ाकर 793 कर दी गई है। इन रसोइयों के जरिए अब तक करीब 22.79 लाख लोगों को सुबह-शाम भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं 15 राहत शिविरों में 11,255 बाढ़ प्रभावित लोगों के ठहरने, भोजन और इलाज का मुकम्मल इंतजाम किया गया है।

लोगों के निष्क्रमण और आवागमन के लिए 1,872 नावें चलाई जा रही हैं। मवेशियों के लिए 5,464 क्विंटल पशुचारा बांटा जा चुका है। राहत अभियान में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात हैं।

उधर, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज हुआ और इसमें कमी की प्रवृत्ति देखी गई। हालांकि कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी बैराज से 1,63,525 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसमें बढ़ने की प्रवृत्ति है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.