पटना: सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है. डिजिटल अरेस्ट और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामले में यह एक्शन हुआ है. अवैध सिम बॉक्स ऑपरेशन के मामले में एक टेलीकॉम कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर को गिरफ्तार किया गया.
बिहार और ओडिशा में छापेमारी
शनिवार को साइबर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. जांच एजेंसी ने बिहार के वैशाली जिले और ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में कार्रवाई की. वहां 10 जगहों पर तलाशी ली गई थी. तलाशी के बाद ही यह गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है.

कई डिजिटल डिवाइस बरामद
सीबीआई अधिकारी ने एक बयान में पूरी जानकारी दी है. बयान में कहा गया है कि 10 जगहों पर तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान वहां से कई सामान जब्त किए गए. जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और सिम कार्ड जैसे डिजिटल डिवाइस में आपत्तिजनक सामग्री मिली.
वैशाली के महुआ से जारी हुआ था सिम कार्ड
सीबीआई ने इस मामले में अहम जानकारी दी है. सीबीआई ने बताया कि वैशाली के महुआ इलाके में एक टेलीकॉम कंपनी के एरिया डिस्ट्रीब्यूटर को गिरफ्तार किया गया है. उसे धोखाधड़ी से बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी करने के लिए पकड़ा गया है. उन सिम कार्डों को गैर-कानूनी सिम बॉक्स ऑपरेशन में इस्तेमाल के लिए आगे भेजा जा रहा था. इस भूमिका के लिए उसे गिरफ्तार किया गया है.

गैर-कानूनी सिम बॉक्स ऑपरेशन मामले में जांच जारी
सीबीआई इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है. सीबीआई बिहार के सुपौल जिले में पिछले वर्ष पकड़े गए एक मामले की जांच कर रही है. वह मामला गैर-कानूनी सिम बॉक्स ऑपरेशन का था. इस मामले की शुरुआती जांच राज्य पुलिस ने की थी. बाद में इसे केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिया गया.

1300 से ज्यादा सिम कार्ड मिले
सीबीआई के बयान में आगे की जानकारी दी गई है. बयान में कहा गया है कि जिस घर में सिम बॉक्स चलाया जा रहा था, वहां तलाशी ली गई. उस जगह से 1,300 से ज्यादा सिम कार्ड मिले.

73 साइबर अपराध के मामलों से जुड़े तार
सीबीआई ने जांच के दौरान कई डेटा भी इकट्ठा किया है. उस डेटा से पता चला कि यह सिम बॉक्स ऑपरेशन पूरे भारत में फैला था. यह साइबर अपराध के कम से कम 73 मामलों से जुड़ा था. इन मामलों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के तरीके से किए गए अपराध भी शामिल हैं.