वैशाली : वैशाली जिले में पुलिस महकमे से जुड़ा रिश्वत मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। महिला थाना कांड संख्या 64/25 से जुड़े एक वायरल ऑडियो की जांच के बाद महिला थाना की थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक पूर्णिमा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि एक मामले के अभियुक्त का नाम केस से हटाने के बदले डीआईजी कार्यालय के नाम पर रिश्वत की मांग की गई थी। वरीय पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा की ओर से इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी गई।

अभियुक्त का नाम केस से हटाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2, लालगंज गोपाल मंडल को सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार, महिला थाना कांड संख्या 64/25 के एक अभियुक्त के परिजनों से बातचीत के दौरान थानाध्यक्ष पूर्णिमा कुमारी की ओर से अभियुक्त का नाम मुकदमे से हटाने के बदले कथित तौर पर अवैध लाभ की मांग की गई थी। जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों और अन्य गवाहों से पूछताछ की गई। इसके अलावा उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों का भी परीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया थानाध्यक्ष पूर्णिमा कुमारी का आचरण संदिग्ध और अनैतिक पाया गया।

डीआईजी कार्यालय के कर्मचारी पर लगाए आरोप की पुष्टि नहीं
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि डीआईजी कार्यालय के रीडर के साथ रुपये के लेन-देन से संबंधित कोई मैनुअल या तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुआ। पूछताछ के दौरान भी पूर्णिमा कुमारी की ओर से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। जांच रिपोर्ट में डीआईजी कार्यालय के संबंधित कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-2, लालगंज की ओर से सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक वैशाली ने महिला थाना की थानाध्यक्ष पूर्णिमा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। निलंबन की कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।



