बिहार में डेंगू ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी पटना में अगस्त में जहां डेंगू के 97 नए मरीज मिले थे, वहीं सितंबर में महज 18 दिनों में ही नए मरीजों की संख्या सौ के पार पहुंच गई है।

तेजी से बढ़ रहे डेंगू के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की चिंता बढ़ा दी है। 31 अगस्त तक पटना में इस साल डेंगू के कुल 167 मरीजों की पुष्टि हुई थी। वहीं, अब यह संख्या बढ़कर 270 हो गई है।

सिविल सर्जन कार्यालय के मुताबिक, अभी हर दिन 10 से 15 डेंगू मरीज चिन्हित किए जा रहे हैं। जनवरी से जून तक पटना में डेंगू के 44 मरीज मिले थे।

जुलाई में 26 नए मामले सामने आए। अगस्त में संक्रमण की रफ्तार तेज हुई और महीने के अंत तक 97 नए मरीज मिल चुके थे। सितंबर के 18 दिनों में ही 103 नए मरीजों की पहचान हो चुकी है।

निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब में जांच के दौरान मिल रहे मरीज
सिविल सर्जन डॉ. योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के साथ -साथ निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब में जांच के दौरान भी डेंगू मरीजों की पहचान हो रही है।

आंकड़ों के अनुसार, कुल मामलों का बड़ा हिस्सा निजी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच के दौरान सामने आया है। बताया कि नगर निगम के सहयोग से प्रभावित इलाकों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान चलाया जा रहा है। डेंगू मरीज मिलने वाले क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्रोतों की जांच कर लार्वीसाइडल छिड़काव भी किया जा रहा है।

डेंगू मरीजों की स्थिति
कुल डेंगू मरीज : 270
जनवरी से जून तक : 44
जुलाई : 26
अगस्त : 97
सितंबर (अब तक) : 103

बांकीपुर, कंकड़बाग और पाटलिपुत्र इलाके में सबसे ज्यादा केस
इस वर्ष डेंगू संक्रमण के सबसे अधिक मामले बांकीपुर, पाटलिपुत्र और कंकड़बाग से जुड़े घनी आबादी वाले इलाकों में सामने आ रहे हैं। इसके अलावा पोस्टल पार्क, योगीपुर, जक्कनपुर समेत कई अन्य इलाकों में भी मरीज मिल रहे हैं। इन क्षेत्रों में संक्रमण बढ़ने के प्रमुख कारणों में घनी आबादी, बारिश के बाद जलजमाव, नालियों की समस्या तथा घरों के आसपास जमा छोटे-छोटे जलस्रोतों को माना जा रहा है।