वैशाली: सूखे नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस मुख्यालय स्तर पर की गई बड़ी कार्रवाई ने महकमे में हड़कंप मचा दिया है.नशा तस्करों को संरक्षण देने और उनसे कथित रूप से सांठगांठ रखने के गंभीर आरोपों के बाद महनार थानाध्यक्ष वेदानंद सिंह समेत 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इस कार्रवाई के बाद से पुलिसिंग और व्यवस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

महनार SHO सहित 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड
पुलिस मुख्यालय द्वारा जांच के दौरान बरामद एक पीली डायरी, संदिग्ध कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल की गई. इन साक्ष्यों में पुलिसकर्मियों और नशा कारोबारियों के बीच गहरे संपर्क और संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया. हालांकि, इन सभी बिंदुओं की अंतिम पुष्टि विस्तृत विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी.

ग्रामीण एसपी ने की पुष्टि
ग्रामीण एसपी सोनू कुमार ने मामले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि महनार थानाध्यक्ष पर कार्रवाई हुई है. वहीं अन्य पर भी एक्शन लिया गया है. वहीं एक साथ थाने के प्रभारी से लेकर निचले स्तर के कर्मियों पर हुई इस कार्रवाई ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.

पुलिस कर्मियों की सांठगांठ पर सवाल
इस कार्रवाई के बाद लोगों के बीच चर्चा है कि जिस महनार को नशामुक्त करने की जिम्मेदारी खाकी के कंधों पर थी, वही अगर तस्करों के मददगार बन जाएंगे, तो जनता न्याय की उम्मीद किससे करेगी? अब जांच का विषय है कि इस संगठित नेटवर्क की जड़ें और कहां-कहां तक फैली हैं.


