बिहार में सितंबर के आखिरी दिनों में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं. 29 सितंबर को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य में किसी जिले के लिए बारिश, आंधी या वज्रपात का अलर्ट जारी नहीं किया गया है. कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है.
इन जिलों में हो सकती है हल्की बारिश
29 सितंबर को सीवान, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नवादा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, मधेपुरा, सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, अररिया और कटिहार समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. हालांकि इन जिलों के लिए भी कोई आधिकारिक बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है.

मौसम विभाग के उपलब्ध जिला-वार पूर्वानुमान में 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक बिहार के लिए कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है. इसका मतलब यह है कि इस अवधि में राज्य में बड़े स्तर पर आंधी, तेज बारिश या वज्रपात की चेतावनी नहीं है. स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव हो सकता है.

पटना में कैसा रहेगा मौसम
पटना में मंगलवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के साथ आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ बिहार में दिन के तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है. इससे कई जिलों में गर्मी और उमस फिर से महसूस हो सकती है. हालांकि किसी भी दिन का स्थानीय मौसम बादलों और हल्की बारिश की वजह से अलग रह सकता है.
मानसून की वापसी एक साथ पूरे देश से नहीं होती. IMD के अनुसार इसके लिए बारिश में लगातार कमी, निचले स्तर पर हवा के पैटर्न में बदलाव और नमी में कमी जैसे मौसम संबंधी संकेत देखे जाते हैं. इसलिए बिहार में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने को मानसून के कमजोर होने का संकेत माना जा सकता है, लेकिन पूरे राज्य से मानसून की आधिकारिक विदाई की घोषणा अलग मौसम संबंधी परिस्थितियों के आधार पर होती है.

5 अक्टूबर तक क्या रहेगा हाल
29 सितंबर से शुरुआती अक्टूबर तक बिहार में व्यापक बारिश की गतिविधियां कम रहने के संकेत हैं. फिलहाल IMD के उपलब्ध पूर्वानुमान में 29 सितंबर से 2 अक्टूबर तक बिहार के लिए कोई मौसम चेतावनी नहीं है. 3 और 4 अक्टूबर के लिए भी ताजा जिला-वार पूर्वानुमान को देखते रहना जरूरी होगा, क्योंकि मौसम की स्थिति बदल सकती है.

