मुजफ्फरपुर : बिहार विधान परिषद के शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी उम्मीदवारों की सक्रियता के बीच शिक्षकों के मुद्दों और सदन में उनके प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा बढ़ गई है।

वर्तमान में तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रो. संजय कुमार सिंह कर रहे हैं। बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का सदस्य दर्ज किया गया है।

प्रो. संजय कुमार सिंह के समर्थकों का कहना है कि उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षकों के वेतन, सेवा-शर्त, नियुक्ति, प्रोन्नति, स्थानांतरण और अन्य सेवा संबंधी मुद्दों को लगातार उठाया गया। पूर्व में शिक्षकों की सेवा-शर्तों में सुधार की मांग को लेकर उनके द्वारा मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। इसमें वेतनमान, सेवा-निरंतरता, स्थानांतरण, अवकाश, प्रोन्नति सहित कई मांगों का उल्लेख किया गया था।


शिक्षकों के बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुना गया प्रतिनिधि सदन में किन मुद्दों को प्राथमिकता देता है और शिक्षक समाज से जुड़े सवालों को किस तरह उठाता है। इसी संदर्भ में प्रो. संजय कुमार सिंह के समर्थक उनके पिछले कार्यकाल में उठाए गए मुद्दों को चुनावी चर्चा का हिस्सा बना रहे हैं।


तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार मुकाबला बहुकोणीय नजर आ रहा है। भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि अन्य उम्मीदवारों की मौजूदगी के कारण चुनावी तस्वीर में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है।

वर्तमान विधान पार्षद प्रो. संजय कुमार सिंह का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होने वाला है। चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया के साथ ही तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षकों के मुद्दे, प्रतिनिधित्व और उम्मीदवारों के पिछले कार्यों पर चर्चा तेज हो गई है।

ऐसे में शिक्षक मतदाताओं के सामने यह चुनाव अपने प्रतिनिधित्व और प्राथमिकताओं को लेकर निर्णय लेने का अवसर भी है। चुनावी मैदान में मौजूद उम्मीदवारों के मुद्दों, कार्यों और घोषणाओं के आधार पर शिक्षक मतदाता अपना निर्णय ले सकते हैं।
