बिहार के शहरों में अब घर को दुकान, शोरूम या गोदाम बनाकर कारोबार करना आसान नहीं होगा। अगर आप आवासीय मकान में दुकान चला रहे हैं या घर के किसी हिस्से का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। राज्य सरकार ने आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर नियम सख्त कर दिए हैं। अब बिना अनुमति ऐसा करने पर भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, आवासीय भवन का व्यावसायिक उपयोग जारी रखने के लिए नगर निकाय से लाइसेंस लेना भी अनिवार्य होगा।

नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में बड़ा आदेश जारी किया है। नए प्रावधान के तहत आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग से जुड़े लाइसेंस शुल्क और जुर्माने में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई है। अब इस तरह के उपयोग के लिए एक लाख रुपये तक लाइसेंस शुल्क देना होगा। यह व्यवस्था बिहार के सभी 264 नगर निकायों में लागू होगी। यानी नगर निगम से लेकर नगर परिषद और नगर पंचायत तक इसके दायरे में आएंगे।
घर में दुकान खोलने से पहले लेना होगा लाइसेंस
अब तक बिहार के शहरी इलाकों में कई लोग अपने आवासीय मकान के निचले हिस्से में दुकान खोल लेते थे। कहीं घर के सामने शोरूम चल रहा था तो कहीं आवासीय भवन का इस्तेमाल गोदाम, ऑफिस और दूसरे व्यावसायिक कामों के लिए किया जा रहा था। कई जगहों पर बिना किसी औपचारिक अनुमति के ही इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं।लेकिन अब सरकार ने इस व्यवस्था पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। नए नियम के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति अपने आवासीय भवन का इस्तेमाल गैर-आवासीय यानी व्यावसायिक उद्देश्य से करना चाहता है, तो उसे पहले संबंधित नगर निकाय से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा। लाइसेंस के लिए संबंधित व्यक्ति को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियमानुसार लाइसेंस जारी करेगा। बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने वालों पर कार्रवाई की जा सकेगी।


