मुजफ्फरपुर: दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव और बच्चों की आंखों की रोशनी सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एएसजी हॉस्पिटल लिमिटेड ने ‘सुरक्षित आंखें, सुरक्षित दिवाली’ अभियान की शुरुआत की है। इस पहल के तहत पटाखों से आंखों में चोट लगने वाले 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का निःशुल्क उपचार किया जाएगा। वहीं, अस्पताल परिसर में अग्निशमन विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर कर्मचारियों को आग से बचाव और आपातकालीन स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग दी गई।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यह अभियान 5 से 12 नवंबर तक देश के 95 से अधिक शहरों में स्थित 200 से ज्यादा केंद्रों पर संचालित होगा। इसके तहत बच्चों को प्राथमिक उपचार, आपातकालीन नेत्र चिकित्सा और जरूरत पड़ने पर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, दवाइयां और चश्मे जैसे ऑप्टिकल उत्पाद इस पहल में शामिल नहीं हैं।


कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के क्षेत्रीय सीओओ डॉ. संजय सिंह के निर्देशन में आयोजित पहल में मुजफ्फरपुर के निदेशक डॉ. अमरेंद्र कुमार ने कहा कि पटाखों से होने वाली आंखों की ज्यादातर चोटों से बचाव संभव है। दुर्घटना की स्थिति में बच्चे को समय पर नेत्र विशेषज्ञ के पास पहुंचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से घरेलू उपचार से बचने और चोट लगने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दानिश ने कहा कि पटाखों से आंखों में होने वाली चोट को हल्के में नहीं लेना चाहिए। छोटी दिखने वाली चोट भी गंभीर रूप ले सकती है। आंख को रगड़ने या दबाने से नुकसान बढ़ सकता है। इसलिए दुर्घटना होने पर बिना देर किए विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।


अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, पिछले वर्ष दिवाली के दौरान विभिन्न केंद्रों पर पटाखों से आंखों में चोट लगने वाले 500 से अधिक बच्चों का उपचार किया गया था। कॉर्निया और आंख के अन्य संवेदनशील हिस्सों में चोट से दृष्टि को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे मामलों में शुरुआती कुछ घंटे काफी महत्वपूर्ण होते हैं।

अग्निशमन विभाग ने कर्मचारियों को दी ट्रेनिंग
दिवाली पर अग्नि दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग की ओर से अस्पताल के कर्मचारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान अग्निशमन कर्मियों ने आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय, अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल और सुरक्षित निकासी की जानकारी दी। कर्मचारियों को आपात स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेने और अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर मरीजों सहित सभी लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के तरीके बताए गए।

पटाखे जलाते समय सावधानी बरतने की अपील
अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से पटाखे जलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखने, सुरक्षात्मक चश्मा पहनने और बच्चों को वयस्कों की निगरानी में ही पटाखे जलाने देने की अपील की। पटाखे के ऊपर झुकने और नहीं चलने वाले पटाखे के पास दोबारा जाने से बचने की सलाह दी गई। आंख में चोट लगने पर उसे रगड़ने या दबाने के बजाय साफ शील्ड से हल्के ढंग से ढककर तत्काल अस्पताल पहुंचने की अपील की गई।

अभियान के तहत उपचार और नजदीकी केंद्र की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 1200 111 जारी किया गया है। कार्यक्रम में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव, डॉ. दानिश, डॉ. साक्षी, डॉ. कीर्तना और डॉ. विश्वनाथ ने भी आंखों की सुरक्षा और पटाखों से होने वाली चोटों से बचाव पर अपने विचार रखे। अंत में अस्पताल के विपणन प्रबंधक राजन कुमार ठाकुर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।