
कांग्रेस की नई महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अचानक कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर मौजूद कार्यकर्ताओं में जोश तो भर दिया। जबकि उनकी सुरक्षा में तैनात एसपीजी अधिकारियों के होश उड़ा दिए। प्रियंका मौजूद कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और जोश को देखकर तीन बार अपनी कार से उतर पड़ी और अभिवादन स्वीकार कर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।
प्रियंका के पहुंचने की जानकारी किसी को नहीं थी लिहाजा गेट पहुंचते ही मौजूद कार्यकर्ता जोरशोर से नारेबाजी करने लगे। प्रियंका सीधे अपने लिए आवंटित कक्ष में पहुंची और करीब 15 मिनट बैठीं।

प्रियंका के अचानक पहुंचने से सबसे अधिक दिक्कत उनकी सुरक्षा में तैनात एसपीजी और दिल्ली पुलिस के जवानों को हुई। उनके कमरे के बाहर जुटी भीड़, धक्कामुक्की और नारेबाजी के बीच प्रियंका बाहर निकलीं तब तक कार्यकर्ताओं की संख्या में भी बढ़ चुकी थी। किसी तरह प्रियंका को कार में बैठाया गया लेकिन मुख्यालय के गेट पर पहुंचते ही प्रियंका कार के शीशे से चपके कार्यकर्ताओं के लिए बाहर निकल पड़ी। खतरा भांपकर अचानक एसपीजी के जवान दौड़े और उन्हें नो, नो मैडम कहकर कार में बैठाया।
प्रियंका की कार जैसी अकबर रोड पर पहुंची शीशे के अंदर से लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रही प्रियंका फिर बाहर निकल पड़ी। एसपीजी अधिकारी बार बार मैडम-मैडम करते रहे और प्रियंका रायबरेली और अमेठी के कार्यकर्तओं को नाम से उन्हें अपने पास बुलाकर बात करने लगीं। एसपीजी ने कार्यकर्ताओं को हटाकर उन्हें फिर बैठाया लेकिन प्रियंका कार के दरवाजे पर खड़ी होकर अभिवादन स्वीकार करती रहीं। एसपीजी के बार-बार मना करने के बाद भी प्रियंका बेपरवाह होकर कार्यकर्ताओं से मिलती रहीं।

रॉबर्ट वाड़ा को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने पहले ईडी कार्यालय जाकर छोड़ा और फिर कांग्रेस मुख्यालय आकर साफ कर दिया है कि उनके नाम के साथ वाड्रा भी जुड़ा है। कांग्रेस भी वाड्रा को लेकर रक्षात्मक मुद्रा में नहीं दिखना चाहती है
