
MUZAFFARPUR (ARUN) : मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र स्थित भगवानपुर में गत् 6 फरवरी को मुत्थूट फाइनेंस कार्यालय से दिनदहाडे़ 10 करोड़ का सोना और 2 लाख रूपये कैश लूट मामले में डीजीपी के माॅनिटरिंग में वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर लूट कांड का उद्भेदन कर लिया और लूटे गए 10 करोड़ का सोना सहित तीन अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल करते हुये यह साबित कर दिया कि वाकई पुलिस और कानून के हाथ लंबे होते हैं।

इस मामले में 3 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं. डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के अनुसार सीआईडी और मुजफ्फरपुर पुलिस की टीम ने मिलकर 36 घन्टे के अंदर पूरी कार्रवाई की है.है. डीजीपी के दावों का असर धीरे-धीरे नजर आने लगा है। डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय के दावों को सच कर दिखाया मुजफ्फरपुर पुलिस ने। अपराधियों में धीरे-धीरे ही सही पर पुलिस प्रशासन का खौफ दिखने लगा है।

वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार के सफल नेतृत्व में एसआईटी की टीम ने लूट के महज 72 घंटो के अंदर लूट कांड में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार करते हुए वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्रांतर्गत चकमेदीनी गाँव से सारा सोना बरामद कर लिया है। ऐसा विरले ही देखने-सुनने को मिला है जिसमें अपराधियों के साथ-साथ लूट का सारे सामानों की सफल बरामदगी हुई हो वो भी इतने कम समय में।

बिहार पुलिस के त्वरित एक्शन से प्रभावित मुत्थूट फाइनेंस के मैनेजिंगडायरेक्टर जाॅर्ज अलेक्जेंडर मुत्थुट ने बिहार के नवनियुक्त डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे को बिहार पुलिस की इस सफलता पर बधाई देते हुए छापेमारी में शामिल पुलिसकर्मियों को बतौर इनाम 30 लाख रुपये नगद देने की घोषणा की है।

डीजीपी श्री पाण्डेय के अनुसार इनाम की राशि लूट कांड को इतनी कम अवधि में सफलतापूर्वक उद्भेदन करने वाले एसआईटी टीम के सभी सदस्यों में बांटी जाएगी।
जानकारी यह भी आ रही है कि इस पूरे मामले पर आज बिहार के डीजीपी प्रेस काॅन्फ्रेंस कर जानकारी देंगे कि कैसे महज कुछ घंटो के भीतर पुलिस ने लूट के इतने बड़े मामले को सुलझा लिया।

गौरतलब हो कि इस बड़ी लूट कांड ने बिहार पुलिस के होश उड़ा दिए थे. डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे के मॉनिटरिंग में वरीय पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम ने बिहार के पाँच जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर घटना का उद्भेदन कर कर लिया.

लूट कांड के बाद पुलिस ने वैशाली मुजफ्फरपुर, सारण और समस्तीपुर के कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर वैशाली थाना के महनार निवासी एक बडे़ स्वर्ण व्यवसायी सत्यनारायण चौधरी के पुत्र राजीव चौधरी समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया था. पुलिस पूछताछ में एसआईटी को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे जिसके आधार पर एसआईटी ने छापेमारी करते हुये वैशाली जिले के चकमेदीनी गाँव से लूट का सारा सोना बरामद करते हुये इस पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार वरीय पुलिस अधीक्षक ने भी एसआईटी टीम को पुरस्कृत करने की बात कही है। एसएसपी मनोज कुमार ने घटना के उद्वेदन एवं गिरफ़्तारी के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में एक एसआईटी टीम बनायी गयी था जिसमें एडिशनल एसपी, 3 डीएसपी, 3 इन्स्पेक्टर और 5 पुलिस अवर निरीक्षक शामिल थे।
