
PURNEA : नवनियुक्त डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय के अपराधियों के प्रति सख्त रवैये को लेकर अपराधियों में खौफ व्याप्त है। बिहार पुलिस को लगातार सफलता हासिल हो रही है। आज जहाँ मुजफ्फरपुर के मुथुट फायनेंस कार्यालय से हुई महालूट कांड का पटाक्षेप करते हुये 3 अपराधियों को गिरफ्तार कर लूट का सारा सोना बरामद कर लिया। ठीक इसके कुछ ही घंटो के भीतर 3 एके बरामद करते हुये 3 तस्करों को दबोचने में सफलता हासिल की है।
मिली जानकारी के अनुसार पूर्णिया से 3 एके-47 के साथ 3 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं इनके पास से 1200 राउंड कारतूस भी बरामद हुआ है। मामले की पुष्टि करते हुए एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने बताया कि बीते गुरुवार को जिले में वाहन चेकिंग के दौरान एक सफारी के साथ 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान उनके पास से पुलिस ने 600 जिंदा कारतूस समेत कई कागजात बरामद किए गए थे। गिरफ्तार तीनों को पुलिस ने एकबार फिर रिमांड पर लेकर पूछताछ की।

एडीजी ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने बताया कि सफारी गाड़ी में और भी हथियार है। जिसके बाद गाड़ी की दुबारा तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसमें से फिर 1200 राउंड गोली और तीन एके-47 बरामद किया गया है।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तस्कर नागालैंड के रहने वाले बताए जा रहे है। पूछताछ में उसने बताया कि है कि हथियार की सप्लाई आरा के मुकेश और संतोष सिंह नामक व्यक्ति को सप्लाई करना था।

गौरतलब हो कि कुछ माह पूर्व मुंगेर का बरदह गांव लगातार सुर्खियों में था और वहां पुलिस को एके-47 रायफल का जखीरा मिला था. एसपी बाबू राम ने इस संबंध में बताया था कि AK-47 मामले में अब तक 31 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और 20 अब भी फरार है. उन्होंने कहा था कि फरार चल रहे आरोपियों के विरुद्ध भी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है. बता दें कि औरंगाबाद दाउदनगर निवासी चंद्रशेखर आजाद और राहुल सिंह पर AK-47 की खरीदारी करने के साथ सप्लाई करने का भी आरोप है.
