कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को यहां छात्रों के साथ संवाद के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, आगामी लोकसभा चुनाव के बाद ‘अर्धसैनिक बलों को अगर हमारी सरकार आई तो उन्हें शहीद का दर्जा मिलेगा।’ छात्रों के साथ बातचीत में गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था में एक खास विचारधारा थोपे जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘आप किसी भी विश्वविद्यालय में पूछ लीजिये। पता चलेगा कि कुलपति के पद पर एक विचारधारा और एक संगठन के लोग बैठाए जा रहे हैं। वे हिंदुस्तान की शिक्षा व्यवस्था को अपना औजार बनाना चाहते हैं।’
गांधी ने कहा, ‘हमें इन संस्थाओं को स्वायत्तता देनी है, पूरा धन देना है। यह नहीं कहना है कि उन्हें क्या करना है। यही हममें और उनमें फर्क है।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार शिक्षा पर बजट में कटौती की है और वह शिक्षा को निजी समूहों के हाथों में सौंप रही है।

उन्होने कहा कि पीएम बहस से भागते हैं। वह युवाओं से बात नहीं करते हैं। हमारा देश नफरत का नहीं बल्कि प्यार और भाईचारे का देश है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों का 3.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। 15-20 उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया गया है। किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ।
उन्होने कहा कि जब मैं कहता हूं कि सरकार को शिक्षा के लिए मदद करना चाहिए, तो इसका मतलब है कि बैंक कर्ज को आसान बनाना, छात्रवृत्ति, अधिक विश्वविद्यालयों को जोड़ना, नामांकन को आगे बढ़ाना। अगर आप इनके आंकड़ों को देखें, तो भाजपा राज में इनमें गिरावट आई है।
