VAISHALI (ARUN KUMAR) : वैशाली के महनार थानान्गर्गत हसनपुर दक्षिणी पंचायत के बहलोलपुर दियारा में मुठभेड़ में एसटीएफ की टीम ने तीन कुख्यात सोना लुटेरों को मार गिराया था। जिसमें कुख्यात मनीष सिंह के साथ मारे गये दोनों गुर्गों के नाम मो. अब्दुल अमन उर्फ तिवारी और अब्दुल ईमाम उर्फ राजकुमार बताया जा रहा हैं।

वहीं एसटीएफ टीम ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल भी की है। गिरफ्तार अपराधियों में विनोद कुमार सिंह उर्फ बाबू साहब, मुकेश सिंह और बच्चू साह उर्फ डेंजर शामिल हैं। मुठभेड़ के दौरान ये तीनों अपराधी फरार हो गए थे। इन्हें गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ ने मुठभेड़ खत्म होते ही पूरे इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। सर्च आॅपरेशन के दौरान ही तीनों अपराधियों को एक-एक कर गिरफ्तार करने में एसटीएफ को सफलता मिली।

पुलिस मुठभेड़ में मारे गये अपराधी और पुलिस गिरफ्त में आये सभी अपराधियों के संबंध बिहार से ही हैं. पुलिस एनकांटर में मारे गये कुख्यात मनीष सिंह वैशाली जिले के राघोपुर का रहने वाला था. जबकि इसके गिरोह में शामिल मो. अब्दुल समस्तीपुर का और अब्दुल ईमाम मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला बताया गया है. गिरफ्तार तीन अपराधियों में दो क्रमश: विनोद कुमार सिंह और बच्चू साह वैशाली और मुकेश कुमार सिंह पटना का रहने वाला बताया जाता है। अपराधियों का ये गिरोह देश के विभिन्न जिलों में रेकी कर सोना लूट कांड को ही अंजाम दिया करता था. कुख्यात मनीष और उसके गैंग ने बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और राजस्थान में कई सोना लूटकांड के साथ ही अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका था.था. अपराधियों का ये गिरोह दो-दो एके-47 और अत्याधुनिक पिस्टल जैसे हथियारों से लैश था.

वैशाली जिले के महनार थानान्गर्गत हसनपुर दक्षिणी पंचायत के बहलोलपुर दियारा में कुख्यात मनीष सिंह गैंग में शामिल अपने साथियों के साथ शनिवार की सुबह ही पहुंचा था. राजस्थान से लूट कर लाए गए सोने का बंटवारा करने और उसे खपाने की नीयत से सभी अपराधी पहुँचे थे.

इस बात की सूचना पुलिस मुख्यालय के एडीजी कुंदनकृष्णन को मिली थी. जिसके बाद ही मुख्यालय के दिशा-निर्देश में एसटीएफ ने अपना आॅपरेशन शुरू किया. एनकाउंटर के बाद चलाए गए कॉम्बिंग ऑपरेशन में भारी मात्रा में हथियार के साथ नगद रुपये भी बरामद किये गए थे. आॅपरेशन को एसटीएफ की स्क्वॉड टीम और अभियान दल ने मिलकर सफल बनाया था. बिहार पुलिस के इस सीधी कार्रवाई और गोली के बदले गोली वाली नीति से आपराधिक गिरोहों में दहशत का माहौल व्याप्त है।
