
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : मुजफ्फरपुर और वैशाली लोकसभा संसदीय क्षेत्र में निष्पक्ष चुनाव के लिए कानून व शांति व्यवस्था एवं निर्वाचन प्रक्रिया की समीक्षा के लिए शुक्रवार को तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक नय्यर हसनैन खान ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मुजफ्फरपुर और वैशाली के पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. आसन्न लोकसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को जोनल आईजी ने लगभग 2 घंटे तक पुलिस की कार्ययोजना को लेकर बैठक की और आगे की रणनीति तैयार की. बैठक में जोनल आईजी ने मुजफ्फरपुर और वैशाली संसदीय क्षेत्र में शांतिपूर्ण व भयमुक्त माहौल में मतदान प्रक्रिया के लिए मुजफ्फरपुर और वैशाली पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए. समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक रविंद्र कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार, वैशाली पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों, सिटी एसपी नीरज कुमार सिंह समेत पुलिस उपाधीक्षक समेत सर्किल इंस्पेक्टर मौजूद रहे.

बैठक उपरांत प्रेस वार्ता के दौरान जोनल आईजी ने बताया कि चुनाव के दौरान बिहार सीमा से लगे राज्यों के अधिकारियों से वार्ता हुई है, बिहार में चुनाव के बाद यूपी में मतदान होने हैं. दोनों राज्य एक-दूसरे का सहयोग कर बेहतर समन्वय बना कर चुनाव के दौरान पुलिस चौकसी बरतते हुए सघन गश्ती करेंगी और चुनाव के दौरान कोई बाधा न उत्पन्न हो, इसकी निगरानी करेंगे. जिलों की सीमाओं और चेकप्वाइंटों पर निगरानी हेतू सीसीटीवी कैमरे लगवाये गये हैं. उन्होंने आपराधिक तत्वों को हो रही कार्रवाई की बिन्दुवार समीक्षा की. इस दौरान जोनल आइजी पुलिस की तैयारी से संतुष्ट दिखें. आइजी द्वारा मुजफ्फरपुर और वैशाली लोस चुनाव को लेकर अबतक हुई कार्रवाई की समीक्षा उपरांत बताया की मुजफ्फरपुर-वैशाली जिले में लगभग 10 हजार वारंटों का निष्पादन किया गया है, दोनों जिले के विभिन्न थानों से 350 से अधिक असमाजिक तत्वों पर सीसीए एक्ट लगाया गया है.

फरारी वारंटियों के अलावा सीसीए 3/12 के तहत कार्रवाई में अच्छी प्रगति बताते हुए श्री खान ने कहा की सिर्फ मुजफ्फरपुर में 200 से अधिक दोषियों पर कार्रवाई की गई वहीं वैशाली जिले में भी 125 से अधिक आरोपितों पर कार्रवाई की गई है. वहीं धारा 107 के तहत मतदान प्रभावित कर सकने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा की कुछ क्षेत्रों में 107 की धीमी कार्रवाई को देखते हुए निर्णय लिया गया है की सम्बंधित जिलाधिकारियों से वार्ता कर अतिरिक्त दंडाधिकारियों को नियुक्त कर कैम्प लगा कर कार्रवाई चुनाव पूर्व पूरी कर ली जाये.

आग्नेयास्त्रों के भौतिक सत्यापन की कार्रवाई भी संतोषजनक बताते हुए कहा की जमा कराये गयी कई हथियारों के लाइसेंस में गड़बड़ी पाई गई है, दोषियों के विरुद्ध हथियार लाइसेंस रद्द करने के भी प्रस्ताव भेजे गए हैं. उन्होंने कहा कि जिले में संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पैरामिलिटरी फोर्स के साथ ही अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी. मुजफ्फरपुर और वैशाली में कुछ भाग नक्सल प्रभावित हैं, उनपर भयमुक्त वातावरण में मतदान कराने को जोनल आईजी ने प्राथमिकता बताया. जिसमे वैशाली के राघोपुर जैसे दियारा क्षेत्र और मुजफ्फरपुर के मीनापुर व पूर्वी इलाकों, पारू व इसके पश्चिमी दियारा क्षेत्रों, साहेबगंज देवरिया आदि संवेदनशील बूथों को चिन्हित किया गया है. चिन्हित क्षेत्रों में पूर्व में घटित घटनाओं के मद्देनज़र विशेष निगाह रखी जा रही है. आने जाने के मार्ग को सुरक्षित करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं.

संवेदनशील मतदान केंद्रों पर कलस्टर सेंटर्स बनाये गए हैं, जहां चुनाव के पूर्व संध्या से दंडाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और वे उक्त स्थल से ही चुनाव स्थल पर पहुँच कर मतदान संपन्न कराकर लौटेंगे. पुलिस पदाधिकारियों द्वारा सभी संवेदनशील बूथों का भौतिक सत्यापन कर लिए जाने की बात बताते हुए उन्होंने कहा की एक-दो दिनों में अर्धसैनिक बलों का क्षेत्रों में आवागमन प्रारम्भ हो जायेगा. पूर्व में चुनाव हेतु जिले को आवंटित एसएसबी कंपनियों द्वारा इलाकों में भ्रमण और गश्ती करते हुए क्षेत्र की जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास जागृत करते हुए भयमुक्त वातावरण बनाने के सार्थक प्रयास किये गए है.

उन्होंने कहा की जिन भवन में दो से अधिक बूथ हैं, वहां भी अतिरिक्त बलों की तैनाती की जाएगी. इसके अतिरिक्त सेक्टर, ज़ोन, थाना रिज़र्व, अनुमंडल रिज़र्व, डीएम एसपी रिज़र्व, क्यूआरटी टीम जो सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करेगी और किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार रहेंगे. उन्होंने कहा की चुनाव के मद्देनज़र जिलों को पर्याप्त मात्रा में अर्द्धसैनिक बलों दिया जा रहा है, सुरक्षा बलों की कोई कमी नहीं होगी. सभी मतदान केंद्रों के अलावा भी चेकपॉइंटों, ज़ोन, सेक्टर, वरीय अधिकारियों के साथ भी पुलिस बलों की तैनाती रहेगी.

जिलों में प्रवेश करने वाले सभी चेकपोस्ट कार्यशील हैं और सभी चेकपोस्टों पर सीसीटीवी लगवा दिए गए हैं, साथ ही चुनाव में अवैध शराब पकड़ने के लिए डॉग स्क़्वायड और चुनाव में पैसे के इस्तेमाल को लेकर फ्लाइंग स्क़्वायड टीम की नियुक्ति की गयी है. जो लगातार नज़र बनाये हुए हैं. जोनल आइजी नय्यर हसनैन खान ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एंटी नक्सल ऑपरेशन तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि चुनाव को बाधित करने वाले तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर है. इसके लिए व्यापक तैयारी की गई है. उन्होंने एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों को विशेष दिशा निर्देश दिया.

बैठक के दौरान आईजी ने कहा कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव करना पुलिस की पहली प्राथमिकता है. इसके लिए सभी स्तर समय पर तैयारी पूरी हो जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर आपराधिक व अशांति फैलाने वालों तत्वों पर कठोर कार्रवाई करने की जरूरत है. बाधा डालने वालों को तत्काल गिरफ्तारी का निर्देश भी आइजी ने दिया. उन्होंने कहा की किसी भी माध्यम से मतदाताओं को प्रलोभन देने या डराने-धमकाने की सूचना पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसकी सूचना सी-विजिल नमक एप के माध्यम से सीधे चुनाव आयोग को भी दी जा सकती है. तिरहुत प्रक्षेत्र के सभी जिलों में निष्पक्ष, भयमुक्त और शांतिपूर्ण वातावरण में चुनाव कराये जाने को लेकर जिला पुलिस-प्रशासन प्रतिबद्ध है, हर हाल में शांतिपूर्ण वातावरण में हिंसारहित शत-प्रतिशत मतदान कराया जायेगा.
