एडमिरल करमबीर सिंह ने शुक्रवार को 24वें नौसेना अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने एडमिरल सुनील लांबा की जगह ली है। 31 मई को लांबा का कार्यकाल पूरा हो रहा है। उन्हें गुरुवार को ही पदभार संभालने के लिए सैन्य ट्रिब्यूनल ने इजाजत दी थी। ट्रिब्यूनल ने बुधवार को उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई को सात हफ्तों के लिए टाल दिया है।

नौसेना प्रमुख का पद संभालने के बाद एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा, ‘मेरे पूर्ववर्तियों ने यह सुनिश्चित किया कि नौसेना के पास एक ठोस आधार हो और वह नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। अब यह मेरी जिम्मेदारी होगी कि मैं उनके प्रयासों को जारी रखूं और देश को एक ऐसी नौसेना दूं जो मजबूत विश्वसनीय और समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा चुनौती को पूरा करने के लिए तैयार है।’

बता दें कि अंडमान एंड निकोबार कमान के कमांडर इन चीफ वाइस एडमिरल बिमल वर्मा ने आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (एएफटी) में याचिका दायर कर अपनी वरिष्ठता की अनदेखी कर करमबीर सिंह को नौसेना प्रमुख बनाए जाने को लेकर चुनौती दी थी। बिमल वर्मा के वकील अंकुर छिब्बर ने कहा कि एएफटी ने मामले की सुनवाई 17 जुलाई को तय की है क्योंकि सरकार ने ट्रिब्यूनल के समक्ष करमबीर सिंह की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए और समय की मांग की थी।

इस महीने की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय ने बिमल वर्मा के आवेदन को खारिज करते हुए आदेश जारी किया था, जिसके बाद वर्मा ने एएफटी में एक याचिका दायर कर करमबीर सिंह की नियुक्ति और मंत्रालय द्वारा चयन के खिलाफ उनकी याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी थी।