एयर इंडिया समेत देश में कार्यरत 24 पब्लिक सेक्टर कंपनियों की संपत्ति को केंद्र सरकार ने बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए नीति आयोग ने पूरा खाका खींच लिया है। इकोनॉमिक टाइम्स (ईटी) की रिपोर्ट के अनुसार डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमैंट (दीपम) को इसके लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।
नीति आयोग ने इस बार 90 हजार करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक इन 24 कंपनियों की कुल 50 संपत्तियों को बेचा जाएगा। जिन कंपनियों की संपत्ति को बेचने का प्लान है उनमें एनटीपीसी, सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड शामिल हैं।

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने इस लिस्ट को अन्य मंत्रालयों के सचिवों के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इस प्रक्रिया को देख रहे एक अधिकारी ने कहा कि इस लिस्ट में आगे और भी नाम जोड़े जा सकते हैं। एनटीपीसी का बदरपुर प्लांट जो कि फिलहाल बंद हो चुका है, उसको भी बेचा जाएगा। इस प्लांट के पास 400 एकड़ की भूमि है।
इस वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीने में केंद्र सरकार ने 2,350 करोड़ विनिवेश के जरिए जुटा लिए हैं। पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने 84,972 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन 24 कंपनियों में स्कूटर्स इंडिया, भारत पंप एंड कंप्रेर्स, प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट इंडिया, हिंदुस्तान प्रीफैब, हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट, ब्रिज एंड रूफ कंपनी और हिंदुस्तान फ्लोरोकॉर्बन शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नीति आयोग के पुनर्गठन को मंजूरी दी। डॉ. राजीव कुमार को फिर से उपाध्यक्ष बनाया गया है जबकि गृहमंत्री अमित शाह पदेन सदस्य होंगे। बता दें कि भारत सरकार के एक थिंक टैंक के रूप में नीति आयोग देश को महत्वपूर्ण जानकारी, नवीनता और उद्यमशीलता सहायता प्रदान करता है। अन्य सदस्यों में वीके सारस्वत, रमेश चंद और डॉ. वीके पॉल का नाम शामिल है। बता दें कि प्रधानमंत्री नीति आयोग के अध्यक्ष होते हैं। आयोग के पदेन सदस्यों में शाह के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त और कार्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि और किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल होंगे।

सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम मंत्री नीतिन गडकरी, समाजिक न्यय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत, रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन राज्य मंत्री, योजना मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह इसमें विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। वी के सारस्वत, प्रोफेसर रमेश चंद्र और डा. वी के पॉल नीति आयोग में दोबारा पूर्णकालिक सदस्य बनाए गए हैं।