बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में आर्थिक आधार पर छात्रों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। आपको बता दें की प्रभारी कुलपति प्रो. राजेश सिंह का दावा हैं की सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन हर हाल में किया जाएगा। इसमें कोई लापरवाही नहीं होगी।

और साथ ही उन्होंने कहा की 2019-2021 सत्र में ऑनलाइन पंजीकरण में आरक्षण की नई व्यवस्था के आधार पर ही आवेदन आमंत्रित होगा। ऐसे में इस फैसले के बाद आर्थिक रूप से पिछड़े छात्र-छात्राओं को दस फीसदी अन्य सीटों पर प्रवेश का लाभ मिलेगा. पीजी में आवेदन के दौरान सभी तरह की कोटियों का जिक्र प्रारूप में दे दिया गया है, लेकिन आरक्षण कोटी का जिक्र नहीं होने से सभी छात्रों की बेचैनी बढ़ गई है।

और साथ ही जैसे की 9 जून को आवेदन की मियाद समाप्त हो जायेगी ये देख छात्रों में मायूसी थी। इस बात पर प्रभारी कुलपति ने कहा की आर्थिक आधार पर छात्रों को आरक्षण का लाभ मिलेगा . आपको बता दें की बिहार के पटना और पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय में अभी तक यह लागू नहीं हो पाया है।

Input : Dainik Jagran