दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के यूजी प्रवेश मानदंड़ों को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को निर्देश दिया कि वह 2018-19 की पात्रता मानदंडों के आधार पर 2019-2020 सत्र के लिए छात्रों को स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने की अनुमति दें।

जस्टिस अनु मल्होत्रा और तलवंत सिंह की खंडपीठ ने डीयू में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के लिए छात्रों की समय सीमा 14 जून से बढ़ाकर 22 जून कर दी है। कोर्ट के आदेशानुसार अब डीयू को बीते साल के योग्यता मानदंडों के आधार पर आवेदन प्रक्रिया करनी होगी।

इसके कारण पूरी आवेदन प्रक्रिया पर असर पड़ेगा। सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जो इस साल के योग्यता मानकों के अनुसार आवेदन कर चुके हैं। फिलहाल इस पर कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहा है।
कोर्ट के फैसले के कारण कट ऑफ शेड्यूल पर भी असर पड़ेगा। दरअसल, आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद पहली कट ऑफ 20 जून को आनी थी। अब चूंकि कोर्ट ने 22 जून तक आवेदन तिथि बढ़ाने को कहा है। ऐसे में पूरे कट ऑफ शेड्यूल पर असर होगा। ऐसी संभावना है कि डीयू नए सिरे से कट ऑफ शेड्यूल जारी करे।
