
MUZAFFARPUR : जिले में एक रसूखदार की ह’त्या की सु’पारी लेकर अंजाम पर पहुँचाने के उद्देश्य से जुटे अप’राधियों को पुलिस ने वा’रदात को अं’जाम देने से पहले ही गिर’फ्तार कर मामले का खु’लासा कर दिया और एक बड़ी घ’टना टल गई.

पुलिस ने समय रहते न केवल ह’त्या की सा’जिश को ना’काम किया बल्कि वैशाली के शू’टर को उसके चार साथियों के साथ गिर’फ्तार कर लिया. ह’त्याकांड को अंजाम देने के लिए के लिए वैशाली से शूटर बुलवाया गया था. पुलिस ने अप’राधियों के पास से दो लोडेड पि’स्टल, 7.62 ए’मएम के छह राउंड जिंदा कार’तूस, एक मैग’जीन, 20 मोबाइल के साथ सुपारी की अग्रिम राशि 17,000 रूपए नगद भी बरा’मद किया है. बरा’मद एक पि’स्टल पर मेड इन यूएसए अंकित है.

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी मनोज कुमार ने बताया की अप’राध नियंत्रण की दिशा में पुलिस लगातार रणनीतियों पर काम कर रही है. इस बीच सर्विलांस टीम की मदद से शहर के एक रसूखदार की ह’त्या की साजिश रच सु’पारी कि’लिंग के तहत ह’त्या करने की जानकारी प्राप्त हुई. प्राप्त सूचना के आधार पर एसएसपी मनोज कुमार ने सिटी एसपी नीरज कुमार सिंह एवं पुलिस उपाधीक्षक नगर डीएसपी मुकुल कुमार रंजन के नेतृत्व में अहियापुर थानाध्यक्ष सोना प्रसाद सिंह, पुअनि नरेंद्र कुमार, पुअनि बानेश्वर किस्कू, पुअनि मो. शमीम अख्तर और अहियापुर थाना की सशस्त्र पुलिस टीम को शामिल कर टीम गठित की गई.

एसएसपी द्वारा गठित टीम ने अहियापुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांधीनगर स्थित लीची बागान में घे’राबंदी कर छा’पेमारी की. छा’पेमारी के दौरान ह’त्या की सु’पारी के लिए एकजुट हुए वैशाली के शूटर समेत पांच अप’राधियों को दो लोडे’ड पि’स्टल और सु’पारी के पैसे के साथ रंगे हाथों धर द’बोचा.

प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी श्री कुमार ने बताया कि एकजुट हुए अप’राधी शहर के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति की ह’त्या करने की नि’यत से जुटे थे. पुलिस पूछताछ में अप’राधियों ने ह’त्या के लिए सु’पारी लिए जाने की बात स्वीकारी है. पकडे गए अप’राधियों की पहचान वैशाली के महनार निवासी शूटर विजय कुमार, अहियापुर थानांतर्गत दादर कोल्हुआ निवासी अमित साह, कोल्हुआ पैगम्बरपुर निवासी मो. असलम, सतीश कुमार उर्फ़ टुन्नी, कोल्हुआ बैरिया निवासी अवनीत कुमार उर्फ़ टुल्लू के रूप में की गई है.

इतनी बड़ी मात्रा में मोबाइल बरा’मद होने की स्थिति में अप’राधियों के हाईटेक होने की बात सामने आ रही है. बताया जाता है की अप’राधी अलग-अलग नम्बरों का इस्तेमाल कर रहे थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सके. उन्होंने बताया की शू’टर अप’राध के दौरान विभिन्न मोबाइलों में अलग-अलग नम्बरों का इस्तेमाल करता है और काम को अंजाम देने के उपरांत उसे नष्ट कर देता है.

बताया जा रहा है की स्थानीय अप’राधियों ने 2 लाख रुपये के रकम की सु’पारी ली थी. ह’त्या करने की यो’जना और स्थल चिन्हित करते हुए पूरी रे’की करने के उपरांत वैशाली के महनार निवासी शू’टर विजय कुमार को स्थानीय अप’राधियों ने ह’त्या करने के लिए शहर बुलवाया था, और इसके लिए एडवांस के रूप में 17,000 रूपए मिले थे. एसएसपी ने बताया की पुलिस टीम द्वारा अभी अनु’सन्धान जारी है, की किसने सु’पारी दी, क्यों दी और हत्या के पीछे इसका उद्देश्य क्या था.

विदित हो की 26 जनवरी 2019 की संध्या में भी बालूघाट के आश्रमघाट में ह’त्या की नियत से जुटे अपराधियों को सिकंदरपुर ओपी पुलिस की तत्परता से हथि’यार के साथ गिर’फ्तार कर लिया गया था. गिर’फ्तार अप’राधी ने ह’त्या के लिए सु’पारी लिए जाने का खुलासा किया था. प्रतिशोध लेने की नियत से बालूघाट निवासी शंकर सहनी ने संजय सहनी की ह’त्या की यो’जना बनाई थी और मोतिहारी के सु’पारी कि’लर को हथि’यार के साथ बुला लिया था.

इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी और एक बड़ी घ’टना होने से टल गई. गिरफ्तार अप’राधी के पास से चाईना निर्मित 7.62 बोर की एक टी-54 पि’स्टल, 7.62 बोर की एक राउंड जिंदा कारतूस और एक मोबाईल बरा’मद किया गया था.

