बक्सर : बिहार के बक्सर-डुमरांव रेलखंड पर बुधवार सुबह शराब तस्करों का दुस्साहस एक बार फिर सामने आया. डीडीयू-दानापुर रेलखंड पर चल रही भागलपुर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में छापेमारी करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर तस्करों ने हमला कर दिया. घटना कुशलपुर हाल्ट के पास हुई, जिससे ट्रेन में अफरा-तफरी और यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया.

गुप्त सूचना पर ट्रेन में सवार हुई थी उत्पाद टीम
जानकारी के अनुसार उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि ट्रेन के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है. इसके बाद एएसआई संजीत तिवारी के नेतृत्व में उत्पाद विभाग की टीम ट्रेन में सवार हुई. टीम की योजना डुमरांव स्टेशन पर संदिग्ध तस्करों को पकड़ने की थी, लेकिन इससे पहले ही तस्करों को पुलिस कार्रवाई की भनक लग गई.

कुशलपुर हाल्ट के पास चेन पुलिंग कर भागे तस्कर
बताया जा रहा है कि डुमरांव पहुंचने से पहले कुशलपुर हाल्ट के पास तस्करों ने ट्रेन की चेन पुलिंग कर दी. ट्रेन रुकते ही कई संदिग्ध युवक नीचे उतरकर भागने लगे. उत्पाद विभाग की टीम ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान तस्कर उग्र हो गए और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया.

पथराव और धक्का-मुक्की से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तस्करों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और पथराव करने की भी कोशिश की. अचानक हुई घटना से ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई. कई यात्री डर के कारण अपने कोच से बाहर निकल आए, जबकि कुछ लोग सीटों पर ही दुबके रहे. हालांकि इस दौरान उत्पाद विभाग के जवान किसी तरह खुद को सुरक्षित बचाने में सफल रहे.
डर के कारण ट्रेन में छिपी रही टीम
स्थानीय लोगों का कहना है कि तस्करों के हमलावर रुख के कारण उत्पाद विभाग की टीम कुछ समय तक ट्रेन में ही छिपी रही, जबकि कई संदिग्ध आराम से ट्रेन से उतरकर फरार हो गए. लोगों का आरोप है कि यदि उत्पाद विभाग पहले से आरपीएफ को सूचना देता तो तस्करों की गिरफ्तारी संभव हो सकती थी.

गोलीबारी की खबर निकली अफवाह
घटना के बाद सोशल मीडिया पर गोलीबारी और मुठभेड़ की खबरें तेजी से फैलने लगीं. हालांकि उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल ने स्पष्ट किया कि गोलीबारी की कोई घटना नहीं हुई. उन्होंने कहा कि शराब तस्करों की पहचान की जा रही है और जांच जारी है.

‘नहीं दी गई थी पूर्व सूचना’
वहीं कुंदन कुमार ने भी फायरिंग की खबरों को अफवाह बताया. उन्होंने कहा कि उत्पाद विभाग ने छापेमारी से पहले रेल पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी. आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते सूचना दी जाती तो संयुक्त कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता था.

रेल यात्रियों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि बक्सर-डुमरांव रेलखंड पर शराब तस्करों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. इससे पहले भी इस इलाके में पुलिस टीम पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. यात्रियों ने रेल प्रशासन से ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, नियमित जांच अभियान चलाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की है.
