मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड मामले में आरोपी ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होने वाली है. आपको बता दें कि बिहार पुलिस हेडक्वार्टर ने आरोपी ब्रजेश ठाकुर की संपत्ति जब्त करने का फैसला लिया है. इस संबंध में ईओयू ने प्रवर्तन निदेशालय को प्रस्ताव भेजा है. यह कार्रवाई प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत की जा रही है. बिहार पएचक्यू ने आरोपी ब्रजेश ठाकुर की 2.65 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त करने का फैसला लिया है.

गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड में चल-अचल संपत्ति जब्त होने की भनक लगते ही मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के बेटे राहुल आनंद ने शहर की 11 कट्ठे महंगी जमीन लगभग दो करोड़ रुपए में बेच दी है. मुजफ्फरपुर रजिस्ट्रार कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस जमीन का सौदा ब्रजेश ठाकुर और उसके दागी एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति पर एफआईआर दर्ज होने के बाद हुआ है.
मार्केट के बीचों-बीच इस जमीन की कीमत दो करोड़ रुपए बताई गई है, लेकिन बाजार मूल्य के हिसाब से आंकड़ा कहीं अधिक हो सकता है. सीबीआई के शुरुआती आकलन के मुताबिक सेवा संकल्प एवं विकास समिति को मिले सरकारी फंड से ब्रजेश ठाकुर ने लगभग 20 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की है. ब्रजेश ठाकुर के अलावा उनके सगे-संबंधियों के बैंक अकाउंट को भी सीबीआई खंगाल रही है. इसी बीच अचल संपत्ति बेचने का मामला सामने आने के बाद सीबीआई अपनी कार्रवाई तेज कर सकती है.
बिहार को बदनाम करने वाले मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रेप मामले में सीबीआई अब जल्द ही कोई बड़ा खुलासा कर सकती है. ऐसा इसलिए है, क्यों कि सीबीआई को अब एफएसएल की जांच रिपोर्ट देखने की इजाजत मिल गई है. अब सीबीआई के अधिकारी इस मामले में एफएसएल की रिपोर्ट में सच तलाशने की कोशिश करेंगे.
माना जा रहा है कि एफएसएल की रिपोर्ट कई बड़े खुलासे कर सकती है. सीबीआई को एफएसएल रिपोर्ट पढ़ने की अनुमति न्यायालय से मिली है. आपको बता दें कि टीम को बालिका गृह से कई चीजें मिली थीं. सभी चीजों को जांच के लिए भेजा गया था. अब उसकी रिपोर्ट आ चुकी है.