केंद्र सरकार आने वाले समय में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी चार्ज करने के लिए इंफ्रांस्ट्रक्चर बढ़ाने पर काम करेगी। सरकार की कोशिश है कि इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने के लिए की चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाए।
शुक्रवार को संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी चार्जिंग के लिये इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने का एलान किया।
इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता में सबसे बड़ी बाधा चार्जिंग है और वाहनों को पूरी तरह चार्ज करने में बहुत समय लगता है। यहां तक कि फिलहाल मौजूद फास्ट चार्जर भी एक इलेक्ट्रिक कार को पूरी चरह से चार्ज करने में कम से कम डेढ़ घंटा, जबकि धीमे चार्जर से चार्ज करने में कम के कम 8 घंटे लग जाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इसके अलावा देश में एक बड़ी समस्या यूनिवर्सल चार्जर्स की है। देश में यूनिवर्सल चार्जर्स स्टैंडर्ड्स नहीं हैं और ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने से निवेश में बढ़ोतरी होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों की धीमी हिस्सेदारी की एक वजह भारतीय सड़कों पर संसाधनों की कमी है।



