एईएस या चमकी का कह’र बिहार में लगातार जारी है। बारिश होने के बा’वजूद भी मा’सूमों की मौ’त का सिल’सिला नहीं थ’म रहा है। ताजा मा’मला गया का है, जहां अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अ’स्पतालव में छह बच्चों की मौ’त ने स्वास्थ्य विभाग को एक बार फिर सकते में डा’ल दिया है।

बताया जाता है कि दो जुलाई को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में बु’खार की शि’कायत पर 22 बच्चों को भ’र्ती कराया गया था। जिसमें से अब तक छह बच्चों की मौ’त हो गई है। मा’मले में कॉलेज के चिकित्सा अध्यक्ष का कहना है कि माम’ला एईएस का है या नहीं, इसकी पु’ष्टि नहीं हो पाई है। जां’च रिपोर्ट भेजी गई है, इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा चमकी बुखा’र यानि एईएस का क’हर अब मुजफ्फरपुर और उत्तरी बिहार के बाद गया जा पहुंचा है.

गया स्थित अनग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अ’स्पताल में जापानी इंसफे’लाईटिस के एक मरीज की पहचान हुई है जो गं’भीर स्थिति में आईसीयू में इला’जरत है और डॉक्टर वेंटि’लेटर के जरिये उसे ठीक करने में जु’टे हैं. अ’स्पताल के अधीक्षक विजय कृष्ण प्रसाद ने बताया कि चार बच्चों का सैं’पल पटना के आरएमआरआई यानी राजेन्द्र मेमोरियल रि’सर्च सेंटर से जां’च होकर आया है जिसमें चार में से एक बच्चें में जेई की पु’ष्टि हुई है.

अधीक्षक के मुताबिक अभी उनके शिशु रो’ग विभाग में एईएस या जेई के सं’दिग्ध 13 बच्चों का इ’लाज चल रहा है जिसमें से एक जेई पॉ’जीटिव का बच्चा वेंटी’लेशन पर है जबकि तीन अन्य बच्चा गं’भीर स्थि’ति में हैं वहीं अन्य भ’र्ती बच्चों में सुधा’र हो रहा है और उनके जल्द ठी’क होने की उम्मी’द है.

Input: News 18