
PATNA (ARUN KUMAR) : राजधानी में बढ़ते अप’राध पर नकेल कसने को लेकर एक बार फिर बिहार पुलिस के मुखिया डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने मंगलवार की देर रात तक पटना एसएसपी कार्यालय में पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक की. डीजीपी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान आईजी जोनल सुनील कुमार,कुमार, डीआईजी सेंट्रल रेंज राजेश कुमार, एसएसपी गरिमा मलिक, एसपी सिटी समेत कई थानेदार मौजूद रहे.

बैठक के दौरान डीजीपी ने राजधानी में बढ़ते अप’राध पर एक बार पुन: डीजीपी ने नारा’जगी जताई, और सख्त आदेश देते हुए कहा कि अप’राधियों को हर हाल में गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए. गंभीर आप’राधिक मामलों में सुसंगत धा’राओं के तहत आ’रोप पत्र ससमय समर्पित कर स्पीडी ट्रायल के तहत स’जा दिलवाने की कवायद की जाये, जिससे आ’रोपियों को जल्द जमा’नत न मिल सके. प्राथ’मिकी दर्ज होने से लेकर स’जा दिलवाये जाने तक आईओ, थानाध्यक्ष और डीएसपी पूरी मुस्तैदी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें. इसमें किसी भी प्रकार की को’ताही बर्दा’श्त नहीं की जाएगी.

सभी थानाध्यक्ष क्षेत्र के सक्रिय अप’राधी और संगठित अप’राध को अंजाम देने वाले गि’रोहों के सदस्यों की सूची तैयार कर सुनिश्चित करें कि कौन जे’ल में हैं और कौन जे’ल के बाहर बेल पर हैं. किसी भी अप’राधकर्मी के किसी भी आप’राधिक मामलों में संलि’प्तता पाये जाने पर या सं’दिग्ध गतिविधि पाये जाने पर दो’षी के खिलाफ अविलम्ब ए’क्शन लें, फ’रार रहने की स्थिति में कु’र्की ज’प्ती करें. शराब माफिया पर कड़ी करवाई करें.

डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को अप’राध पर ल’गाम लगाने दिशा में टास्क देते हुये कई दिशा निर्देश भी जारी किये हैं- सम्पत्तिमूलक अपराध यथा लूट, डकैती, चोरी और गृहभेदन के सभी आ’रोपित और सं’दिग्ध अप’राधियों की सूची बना कर उनके ख़िलाफ़ सघन अभियान चलायें, रंग’दारी के कां’ड में आ’रोपित और सं’दिग्ध लोगों की सूची तैयार कर सख्त का’नूनी कार्र’वाई करें. फि’रौती के लिए अपह’रण में आ’रोपित और सं’दिग्ध लोगों की सूची बना कर एक-एक की वर्तमान में गति’विधियों का सत्यापन करें. सुशासन का राज कायम रखते हुये श’राब बंदी क़ानून को प्रभावशाली तरीक़े से लागू कराया जाए.

शराब बरामदगी मामले में ट्रक तो पकड़ कर जप्त कर लिया जाता है पर मामले में वाहन मालिक की गिरफ्तारी नहीं होती है. श’राब मफ़ि’याओं द्वारा अ’वैध तरीके से अर्जित सम्पत्ति ज़’प्त करने की कारवाई करते हुये इनसे साँ’ठ-गाँ’ठ रखने वाले अधिकारियों को चि’न्हित कर उनके ख़िलाफ़ क’ठोर का’र्रवाई की प्रक्रिया सुनिश्चित हो. किसी भी थाना पर आगंतुकों और पीडितों के साथ कोई दुर्व्य’वहार ना हो, विनम्रतापूर्वक व्यवहार करें. एसएसपी और वरीय पुलिस पदाधिकारियों की निग’रानी में चप्पे-चप्पे में प्रभा’वकारी पुलिस ग’श्ती की व्यवस्था की जाए.

गौरतलब हो की राजधानी पटना में बढ़ते अप’राध और लगातार गिरती वि’धि व्यवस्था को लेकर पटना के करीब 24 थानेदारों को 3 दिन पूर्व बदल दिया गया था. विदित हो कि पटना में 5 करोड़ के सबसे बड़ा सोना लू’ट के बाद पुलिस को काफी फजी’हत का सामना करना पड़ा था. पुलिस प्रशासन के तमाम दा’वों के बावजूद पटना में आ’पराधिक घट’नाएं रुकने का नाम नहीं ले रही थी. इसे देखते हुए पटना के एसएसपी गरिमा मलिक ने पटना के 24 थानेदारों को बदल दिया था. इसी सिलसिले में डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय नए थानेदारों सहित जिला के तमाम वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारियों के साथ मंगलवार देर रात पटना एसएसपी कार्यालय में बैठक की.

