गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड स्थित कोहूदाग पंचायत में एक कलयुगी बेटे ने मा’मूली बात पर अपने पिता और भाई को पी’ट-पी’ट कर ल’हूलु’हान कर दिया, लेकिन 85 वर्षीय घा’यल पिता कैलाश यादव इसके बावजूद भी बेटे के खि’लाफ था’ने में शिका’यत नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि थाने में जाऊंगा तो उसे जे’ल हो जाएगी। घ’टना के बारे में पिता कैलाश यादव ने बताया कि दैनिक जीवन के गु’जर-बस’र के लिए मेरे पास चार बकरियां हैं।

छोटा बेटा बं’टवारे की जि’द करता था जिसके बाद छोटा बेटा अलग रहता है। मेरी बकरियां उसके घर की ओर जा’कर फूल-पत्ती खाने लगीं। इसपर बेटे रामकेश्वर यादव ने बकरियों को मा’रना शुरू कर दिया। बकरियों को मा’रने से रो’का तो इसी बात पर मुझे मा’रने लगा। मेरे ब’चाव में आए बड़े बेटे को भी मा’रकर घा’यल कर दिया। उन्होंने बताया कि मैं जिस लाठी के सहारे चलता हूं, उसी ला’ठी से मा’रकर उसने मेरा अंगू’ठा तो’ड़ दिया है।

इसके अलावा शरीर के कई दूसरे हिस्सों पर भी अंद’रुनी चो’ट पहुंची है। द’र्द से क’राहते पिता कैलाश ने बताया कि घा’व का द’र्द तो दवा से ठीक हो जाएगा, लेकिन जो अंदर का द’र्द है वो कैसे ठीक होगा? इतनी त’कलीफ के बाव’जूद भी उन्होंने कहा मैं शि’कायत द’र्ज नही कराऊंगा, नहीं तो उसे जे’ल हो जाएगी। मैं ऐसा नहीं चाहता।

मैंने बहुत मेहनत और गरीबी में उसे पाला है। ल’ट्ठा च’लाकर जो मजदूरी के रूप में अ’नाज मिलता था मैं उससे परिवार का भ’रण-पो’षण करता था, लेकिन मेरी त’कदीर का दो’ष है जिस बेटे को नाजों से पाला, आज वही बेटा मा’र रहा है।

Input: Jagran