महंगे कपड़े के शौक को पूरा करने और ह’थियार खरीदने के लिए अप’राधी चेन लू’टते हैं। ऐसे 18 गिरोह पटना में अभी भी स’क्रिय हैं। कीमती चेन को लू’टने के बाद वे पांच हजार में बेच देते हैं। हाल के दिनों में पुलिस ने जिन पांच चेन लु’टेरों को प’कड़ा, उन्होंने यह खुलासा किया कि उनके गैं’ग में कुछ जेवर व्यवसायी भी शामिल हैं।

छह महीने में चेन लू’ट की 43 घ’टनाएं हो चुकी हैं। फुलवारीशरीफ, शास्त्रीनगर और राजीवनगर थाने चेन लू’ट की घ’टनाओं से ज्यादा प्र’भावित हैं। इसके बावजूद गश्’ती व्यवस्था लुं’ज पुं’ज है। पिछले छह महीने में एक दर्जन चेन लु’टेरे पुलिस के ह’त्थे च’ढ़े, फिर भी शहर में ऐसी घ’टनाएं थम’ने का नाम नहीं ले रही हैं.

एक जुलाई को फुलवारीशरीफ पुलिस ने आकाश नाम के लु’टेरे को गिर’फ्तार किया। आ’रोपित ने बताया कि वह कई वर्षों से पैसों और गर्लफ्रेंड को गिफ्ट देने के लिए लू’टपा’ट करता है। एक लु’टेरे ने बताया कि घर में आ’र्थिक तं’गी के कारण वह अपने महंगे शौक पूरा नहीं कर पाता था।

इस कारण चेन लू’ट की घ’टनाओं को अं’जाम देने लगा। ऐसे गि’रोह में 18 से 25 वर्ष के अ’पराधी शामिल हैं। दो लु’टेरों को मिलाकर एक गैं’ग बनता है। इनमें एक बाइक चलाता है जबकि दूसरा चेन झ’पटता है। पुलिस गिर’फ्त में आये एक लु’टेरे अरशद ने बताया कि साथी के साथ उसने चेन लू’टी थी।

Input: Hindustan