
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : बिहार में बा’ढ़ की बढ़ती विभी’षिका के बीच कोसी, कमला बलान, अधवारा, महानंदा, लालबकेया, बागमती, गंडक, बूढी गंडक समेत लगभग सभी नदियां उफा’न पर हैं और ख’तरे के नि’शान से ऊपर ब’ह रही हैं. बूढी गंडक का ज’लस्तर बढ़ने से मुशहरी, कांटी, मीनापुर, मोतीपुर समेत कई इलाक़ों में बा’ढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है, जिससे इलाके के प्रभा’वित निवासी पला’यन को मजबूर हैं. उत्तर बिहार में नदियों के जल’स्तर बढ़ने से बा’ढ़ की स्थिति और भ’यावह हाेती जा रही है. जिला प्रशासन लगातार रा’हत और ब’चाव कार्य ,में यु’द्धस्तर पर जूटा है.

बूढ़ी गंडक, गंडक, लखनदेई व बागमती के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हाे रही है. इससे मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण जिले में बा’ढ़ का पानी हर दिन नए इलाकाें में फैल रहा है. इस बीच बुधवार को जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष, अनुमंडलाधिकारी पूर्वी कुंदन कुमार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बढ़ते जल’स्तर का जायजा लेने सिकन्दरपुर स्थित सीढ़ी घाट पहुंचे तथा एनडीआरएफ की टीम के साथ मोटरबोट से नदी के बढ़ते जल’स्तर का मु’आयना किया. इसके उपरांत डीएम मीनापुर प्रखण्ड के रघई घाट का भी मु’आयना किया.

जिलाधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले के बा’ढ़ प्रभावित तीन प्रखंड क्रमशः औराई, कटरा व गायघाट इलाके का जायजा ले चुके है. प्रशासनिक आदेशनुसार बा’ढ़ प्रभा’वित लोगों के बीच यु’द्धस्तर पर रा’हत व ब’चाव कार्य चलाया जा रहा है. बताया जा रहा है की मुज़फ़्फ़रपुर शहर के साथ साथ नदी के जल’स्तर में तेजी से हो रही वृद्धि और बांध में हो रही क’टाव से जिले के औराई, कटरा व गायघाट प्रखंड में बा’ढ़ की स्थिति गं’भीर बनी हुई है.

कटरा प्रखंड मुख्यालय का सड़क संपर्क टू’ट गया है. गायघाट, कटरा और औराई प्रखंड के 65 गांवाें में पानी प्र’वेश कर गया है. कटरा के 18 पंचायत व गायघाट प्रखंड की 6 पंचायताें के 25 गाँव बा’ढ़ से प्रभा’वित है और सड़क संपर्क पूरी तरह भं’ग हो चुका है. जिससे अनुमानतः लगभग 8800 से 9000 परिवार इस विना’शकारी बा’ढ़ से प्रभा’वित बताये जा रहे हैं. बा’ढ़ प्रभा’वितों के लिए जिला प्रशासन द्वारा कुल 18 शिविर और 6 सामुदायिक रसोई घर चल रहे है.

बाढ़ रा’हत और ब’चाव के लिए एनडीआरएफ की दो टीम के कुल 75 सदस्य और 7 सदस्यीय 2 टीम बाढ़ प्रभा’वित क्षेत्रों में मुस्तैदी से कार्य कर रही है. टीम द्वारा बा’ढ़ में फंसे लोगों को लगातार रे’स्क्यू किया जा रहा है और उन्हें सुर’क्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. जिला प्रशासन के तमाम पदाधिकारी प्रखंडों में कैम्प करते हुए ब’चाव व राह’त कार्य मे लगे हुए है. जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष स्वयं बा’ढ़ग्रस्त इलाको में हा’लात का जायजा ले रहे है साथ ही उनके द्वारा रा’हत व ब’चाव कार्य में लगे पदाधिकारियों को लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये जा रहे हैं.

इस बीच बा’ढ़ सुरक्षा कार्य एवं आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से जिले के सभी कार्यकारी विभागों के कार्यपालक अभियन्ता, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंताओं को जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया है कि किसी भी परि’स्थिति में वे मुख्यालय से अनुप’स्थित नही रहेंगे. उन्होंने कहा है की किसी भी प्रकार की आक’स्मिकता की स्थिति में जिलाधिकारी से आ’देश के बाद ही मुख्यालय छोड़ सकेंगे.






