सृजन घोटाले की सूत्रधार रहीं मनोरमा देवी के घर में एक साल के अंदर दूसरी बार हुई चोरी

भागलपुर : सृजन घोटाले की सूत्रधार रहीं मनोरमा देवी के घर में एक साल के अंदर दूसरी बार हुई चोरी की घटना से पुलिस की सुरक्षा एक फिर सवालों के घेरे में है. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के अनुसार घर में कई कीमती सामान रखे हुए थे, जिन्हें चोरों ने हाथ तक नहीं लगाया. इसके अलावा अलमारी और दराजों में रखे सामान कमरे में बिखरे मिले. इससे आशंका जतायी जा रही है कि चोर किसी खास उद्देश्य या किसी खास सामान की तलाश में कमरे में घुसे थे.

पिछले साल 29 सितंबर को भी तिलकामांझी थाना क्षेत्र के न्यू विक्रमशिला कॉलोनी स्थित मनोरमा देवी के घर में चोरों ने सेंध लगायी थी. इसके बाद से घर की सुरक्षा के लिये चार होमगार्ड जवानों की तैनाती कर दी गयी. घटना शुक्रवार रात की है. मनोरमा देवी के घर की सुरक्षा में तैनात किये गये जवानों का कहना है कि वे लोग कुल चार जवान हैं, जोकि घर की सुरक्षा में लगे रहते हैं.

शुक्रवार की शाम को उन्हें फोन कर थाना बुलाया गया था. जहां से उन्हें मुंदीचक गढ़ैया दुर्गा स्थान में लगने वाले मेले में ड्यूटी करने के लिये भेज दिया गया. शनिवार की सुबह करीब चार बजे जब वे लोग लौटे तो वहां कोई गतिविधि नहीं थी. सुबह जब रोशनी होने के बाद उन्होंने घर के प्रवेश द्वार को खुला देखा तो थानाध्यक्ष को इसकी सूचना दी. इसके बाद थानाध्यक्ष मौके पर दलबल के साथ पहुंचे और पूरे घर का जायजा लिया.

थानाध्यक्ष संजय कुमार सत्यार्थी ने बताया कि चोर सामने के मुख्य द्वारा के बगल की चहारदीवारी फांदकर पहले गार्डन में घुसे. फिर पिछले गेट का ताला तोड़ घर में प्रवेश किया. घर के भीतर पहले तल पर एक कमरे और दूसरी तल पर दो कमरों का गेट खुला मिला और उसमें रखे सामान अस्त-व्यस्त पाये गये. लेकिन हैरत की बात यह है कि चोरों ने इन तीनों कमरे में रखे कीमती कैमरे, घड़ी, मोबाइल व अन्य कीमती सामानों को छोड़ कपड़ों और कुछ कागजातों में तलाशी की. जिससे आशंका यह जतायी जा रही है कि चोर किसी खास मकसद से घर में दाखिल हुए थे.

उठ रहे सवाल
घटना से कुछ ही घंटे पहले होमगार्ड जवानों को थाना बुलाया गया, जिसके बाद वे लोग वापस मनोरमा देवी के घर नहीं पहुंचे. ऐसे में पुलिस और उक्त होमगार्ड जवान के सांठगांठ पर सवाल उठता है.
जिन कमरों में चोरों ने सामानों को अस्त व्यस्त किया, उन कमरों में कई कीमती सामान रखे हुए थे. जिन्हें हाथ भी नहीं लगाया गया. क्या चोर किसी खास दस्तावेज या सबूत को मिटाने के लिये घर में घुसे थे?
घटना के वक्त घर के बाहर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था. जबकि चोर घर के हरएक कमरे में घुसकर चोरी कर सकते थे. पर चोरों ने केवल तीन कमरों में ही तलाशी ली.

होमगार्ड जवानों ने कहा उन्हें दुर्गा पूजा ड्यूटी पर लगाया गया. जबकि थानाध्यक्ष ने केवल शाम के वक्त उक्त जवानों को थाना बुलाने की बात कही. ऐसे में कौन सही बोल रहा है, जांच में ही इस बात का खुलासा होगा.
चोर एक सफेद रंग की गाड़ी से आये थे. इससे यह आशंका जाहिर होती है कि चोर स्थानीय नहीं थे. तो चोरों को कैसे इस बात का पता चला कि उस रात घर के सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं थे.

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