संगमघा’ट पर टिकटॉक वीडियो बनाने के दौ’रान बूढ़ी गंडक में डू’बे तीसरे छात्र प्रिंस कुमार का शव 49 घंटे बाद शुक्रवार को सिकंदरपुर श्मशान’घाट के पास से एनडीआरएफ ने खोज निकाला। श’व श्मशान’घाट के पास दलदल में फं’सा था। वह समाचार पत्र विक्रेता बंधु राजेश झा का पुत्र था।
अहियापुर पुलिस ने एसकेएमसीएच में श’व का पोस्ट’मार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। ब्रह्मपुरा स्थित राहुलनगर रोड नंबर दो स्थित डेरा पर लाने के बाद परिजनों ने कांटी के चिकनौटा गांव में अंतिम संस्कार किया। चिकनौटा में प्रिंस की दादी का मायका है।
बीते बुधवार को टिकटॉक वीडियो बनाने के लिए स्कूल छोड़ राहुलनगर का प्रिंस, आकाश, बैरिया का पीयूष और बीबीगंज के शिवाजी नगर का आयुष्मान ऑटो से अहियापुर के संगमघाट गया था। वहां पहले सबने मोबाइल से सेल्फी ली। इसके बाद न’शा कर नदी में वीडियो बनाने लगे।
इस दौ’रान प्रिंस, पीयूष व आयुष्मान डू’ब गया जबकि आकाश बाल-बाल ब’चा। हा’दसे की सूचना पर सबके परिजन संगमघा’ट पहुंचे। फिर पुलिस और एनडीआरएफ की टीम पहुंची और खोजबीन शुरू हुई। बुधवार की शाम में ही एनडीआरएफ ने पीयूष व आयुष्मान के श’व खोज निकाले, लेकिन प्रिंस का सुराग नहीं मिला।
गुरुवार को भी एनडीआरएफ ने संगमघा’ट से मुशहरी तक नदी में गो’ता लगाया, लेकिन श’व नहीं मिला। शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम ने दलदल में छानबीन की। सुबह 10 बजे सिकंदरपुर श्मशानघा’ट के पास दलदल में श’व फं’सा मिला।

