KISHANGANJ : पुलिस-जनता व्हाट्सएप ग्रुप ‘साइबर सेनानी’ का गठन, अमन-शांति चाहने वाले बन सकते हैं साइबर सेनानी : एसपी

अवांछित तत्वों पर रहेगी  पुलिस सोशल मीडिया यूनिट की पैनी निगाह, समाज में अमन शांति हेतु साइबर सेनानी बनने के लिए स्थानीय थाना से सम्पर्क कर एसपी किशनगंज के पास भेज सकते है आवेदन …

KISHANGANJ (ARUN KUMAR) : बिहार पुलिस ने सोशल मीडिया सहित अन्य साइ’बर अप’राध पर नियंत्रण के लिए पुलिस-जनता व्हाट्सएप ‘साइबर सेनानी’ समूह के गठन का निर्णय किया है. किशनगंज एसपी ने बताया कि पुलिस-जनता व्हाट्सएप ‘साइबर सेनानी’ समूह का गठन का उद्देश्य आम लोगों की सहभागिता से साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना, साइबर अप’राध को रोकना तथा लोगों को जागरुक बनाना है. साथ ही बकरीद एवं आगामी त्योहारों के मद्देनजर यह संदेश किशनगंज पुलिस की ओर से सोशल मिडिया यूनिट के द्वारा दी जा रही है।

किशनगंज पुलिस सोशल मीडिया यूनिट वैसे लोगों की पहचान कर रही है जो समाज में अ’शांति लाना चाहते है। ऐसे लोग जो अ’शांति पैदा करेंगे या सामा’जिक सौ’हार्द बिगाड़ने एवं नफ’रत फ़ैलाने की भावना से किसी प्रकार की कोई द्वे’षपूर्ण कार्य करेंगे वे इस का’रवाई के दायरे से बच नहीं पाएँगे। किशनगंज एसपी कुमार आशीष ने बताया की सामाजिक शांति के समर्थक नवयुवकों का सक्रिय सहयोग भी प्राप्त हो रहा है। सहयोग करने वाले लोगों को “साइबर सेनानी” बनाया जा रहा है। किशनगंज पुलिस के साइबर सेनानी बनने के लिए स्थानीय थाना से सम्पर्क कर एसपी किशनगंज के पास आवेदन भेज सकते है।

एसपी श्री आशीष ने कहा की साइबर सेनानियों की आज समाज में बहुत ज़रूरत है। फेसबुक/वाटस्एप के द्वारा मोबाईल में कई आपत्तिजनक विडियों या मेसेज या फोटो प्रेषित होते रहते है। ये मेसेज अधिकांश समय ग’लत या फ़’र्ज़ी होता है। इसे गलत मंशा से बनाया जाता है और  भेजा जाता है। ताकि समाज में अ’शांति फैले। ऐसे निरा’धार संदेशों का उद्धेश्य समाजिक वि’द्वेष पैदा कर समाज को बाँटना होता है। कई बार इसको देखकर या पढ़कर व्यक्ति उत्ते’जित हो जाते हैं। कई बार वे बिना सोचे-समझे उस फे’क न्यूज़ को अपने परिचितों को फाॅरवर्ड कर देते हैं और यह आप’त्तिजनक मेसेज वायरल हो जाता है और सामा’जिक तना’व फैलने लगता है। ऐसे में किशनगंज पुलिस तमाम जिलावासियों से निम्न निवेदन करती है कि :-
1. कोई भी अफ’वाह फैलने पर पुलिस को बताए (डायल-100 नम्बर) या संबंधित थाने, डीएसपी या एसपी किशनगंज को अविलंब सूचना दें। फ़ॉर्वर्डेड अवांछित मैसज को वायरल न करें। अफ’वाह फैलाना अनजाने में या जान-बुझकर कानुन की धारा-153(ए) भा0द0वि0 के तहत अप’राध है। किशनगंज पुलिस इस बिन्दु पर बहुत स’ख्त है। हाल में फेसबुक पर आपत्तिजनक संदेश फैलाने वाले कई लोगों पर का’नूनी का’र्रवाई भी हो चुकी है।
2. किसी भी स्थिति में कानून अपने हाथ में न ले। चाहे कोई भी कुछ कहे। बिना नेतृत्व के या ग़लत नेतृत्व के किसी भीड़ का हिस्सा न बनें ।अगर कहीं कुछ गैर-कानूनी बात/घटना हो रही है तो आप उसकी सूचना पुलिस को दें। संवेदनशील मुद्दों पर स्वयं या अपने मित्रों के साथ कोई सीधी कार्रवाई न करें अन्यथा भा0द0वि0 की धारा 149 के तहत आप गैर-का’नूनी भीड़ के अंग माने जायेगें और आपके वि’रूद्ध प्रा’थमिकी दर्ज की जायेगी।
यहां यह स्पष्ट कर दें की माननीय सुप्रीम कोर्ट भी इस मुद्दे पर बहुत सख्त है। किसी सं’वदेनशील मुद्दे पर भीड़ बनाना, भीड़ में शामिल होना, का’नून अपने हाॅथ में लेना, आपके द्वारा या आपके मित्रों की टोली द्वारा किसी को मा’रपीट करना, किसी संवेद’नशील मुद्दे पर ख़ुदमुख़्तार बनना जिसका परिणाम हिं’सा या हि’संक भीड़ होगा उसके लिए सीधे प्रा’थमिकी दर्ज करने का आदेश है। स्थानीय न्यायालय को भी आदेश है कि छः महिने के भीतर ऐसे दो’षियों को स’जा मुक’र्रर कर दी जाए। आज की तिथि में ऐसा किया भी जाएगा।
अतः आपसे पुनः अनुरोध है कि शांतिप्रिय और जिम्मेदार नागरिक बने। किशनगंज पुलिस का सा’इबर सेनानी बने, कुछ भी गैर-कानूनी देखे तो उसकी सूचना पुलिस को दें। स्वयं कानून अपने हाथ में कदापि न लें। अगर मोबाईल का आप प्रयोग करते हैं, तो आप सुनिश्चित करे कि वि’द्वेष फै’लाने वाली कोई भी का’र्यवाई आपके मोबाईल से न हो। आप अपने मित्रों/परिजनों को भी इस सामान्य बु’राई के प्रति जागरूक करने का कष्ट करें। पुलिस-मित्र बने। किशनगंज पुलिस सामाजिक शांति के तरफ बढ़ाए गए आपके हरेक कदम का स्वागत एवं प्रशंसा करेगी। बेहतर सहयोग करनेवाले नागरिकों को पुलिस प्रशासन द्वारा पुरुस्कृत भी किया जाएगा।

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