सावन के चौथे सोमवार पर आज देवघर में भक्तों का जनसै”लाब उमड़ा है. सावन में शिव भक्त बड़ी संख्या में देवघर पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. खासकर सावन में सोमवारी का खास महत्व होता है. इस बार भी सावन में देवघर में हर साल के मु’काबले अधिक संख्या में कांवरिए पहुंच रहे हैं. देर रात से सभी भक्त कतार लगाकर अपनी पारी का इंतजार कर रहे हैं.

अमूमन बाबा को जल चढ़ाने के लिए सोमवारी के समय 10-15 किमी लंबी क’तार लग जाती है. भीड़ को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बलों की तै’नाती की गई है. चौथी सोमवारी की भीड़ को देखते हुए सभी पुलिस जवानों की ड्यूटी में इजाफा कर दिया गया है. इस बार के सावन महीने में चार सोमवारी का संयोग था और आज आखिरी सोमवारी है इसलिए भी देवघर में भक्तों की भारी भीड़ है.वहीं, प्रशासन ने सोमवारी के लिए भी पुख्ता व्यवस्था की है.

इस श्रावणी मेला में कुल 12000 से भी अधिक पुलिस पदाधिकारियों को नियुक्त किया गया है. वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी कैमरा, हीलियम बैलून से मॉनिटरिंग के जरिए निगरानी रखी जा रही है. साथ ही रेफ,एनडीआरएफ,एसएसबी, एटीएस, ब’म नि’रोधक दस्ता, डॉग स्कवायड जैसे सुरक्षा के म’द्देनजर तै’नात की गई है.

वहीं, कांवरियों के लिए शरबत पानी बिजली की भी व्यवस्था की गई है.कहा जाता है कि भगवान शिव को पूरे सावन दूध और गंगाजल से अभिषेक करने पर मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. सोमवारी का भी अपना महत्व है.

सोम चंद्रमा को कहते हैं और चंद्रमा के ईश्वर भगवान शिव हैं. लिहाजा सोमवारी काफी फलदाई होता है. इसी वजह से शिव को सोमेश्वर कहते हैं.
