“दागी” पर शाहाबाद डीआईजी ने उठाये सवाल, डीजीपी को भेजा पत्र

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PATNA : राज्य सरकार द्वारा बिहार पुलिस के 400 अधिकारियों को दागी बताकर हटाए जाने के फैसला का विरो’ध धीरे-धीरे अब विक’राल रूप धारण करता दिख रहा है. पहले पुलिस मेंस एसोसिएशन ने इस मुद्दे पर पुलिस प्रशासन पर सवा’लिया निशान लगाते हुए कट’घरे में खड़ा करने की कोशिश की थी. वहीं आज शाहाबाद के डीआईजी ने भी मामले पर सवा’ल खड़ा किया है.

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बिहार पुलिस हस्तक एवं सरकारी सेवक नियमावाली 2005 के तहत सवाल उठाते हुए शाहाबाद के डीआईजी ने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा है. पत्र में डीआईजी ने नियमावाली में दिए गए प्रावधानों का हवाला देते हुए सरकार के फैसले को परस्पर विरो’धी करार देते हुए इस स्पष्ट दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया है. उन्होंने पुलिस मुख्यालय को लिखे अपने पत्र में कहा है की बिहार पुलिस हस्तक एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियं’त्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के प्रावधानों के निम्नांकित प्रावधान परस्पर विरो’धाभासी हैं, जिसके कारण पुलिसकर्मियों के शास्ति/द’ण्ड के वर्गीकरण में कठि’नाई उत्पन्न हो रही है और द’ण्ड अधि’रोपित करने में में संश’य की स्थिति बानी गई है.

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डीआईजी ने कहा है की दोनों प्रावधानों के अवलोकन से स्पष्ट है की बर्खा’स्तगी, सेवा’च्युत व अनिवार्य सेवानि’वृत्ति दोनों में वृहद् द’ण्ड के रूप में चिन्हित है. हस्तक में का’लांक को भी वृहद् दंड के रूप में चिन्हित किया गया है जबकि नियमावली में इस द’ण्ड का कोई उल्लेख ही नहीं है तो हस्तक के प्रावधान पर नियमावली के अभिभावी प्रभाव होने के कारण इसे लघु/वृहद् द’ण्ड  के रूप में चिन्हित या गणना करना संभवतः विधिसम्मत नहीं होगा. यदि हस्तक के आलोक में गिना भी जाता है तो वृहद् द’ण्ड मानना भी पुलिस हस्तक नियम के प्रावधान एवं नियमावली के समरूप प्रावधान के आलोक में संभवतः उचित नहीं होगा.

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पत्र के अंत में शाहाबाद के डीआईजी ने लघु एवं वृहद् शास्ति के वर्गीकरण तथा शास्तियों को अधिरोपित करने हेतु किन आरोपों के सम्बन्ध में वृहद् एवं लघु द’ण्ड अधि’रोपित किया जाये और नियमावली या हस्तक में उल्लिखित द’ण्डों में किन द’ण्डों को माना जाये, इस सम्बन्ध में पुलिस मुख्यालय से स्पष्ट दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया है. उन्होंने लिखा है की पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देश के अनुसार ही विभागीय का’र्यवाहियों में संचालनोपरांत आदेश विधिसम्मत तरीके से पारित किया जा सके और सभी पुलिसकर्मियों के द’ण्डों की गणना भी उसी अनुसार की जा सके.

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गौरतलब हो कि दा’गी बताकर 400 अधिकारियों के हटाए जाने के फैसले का पुलिस मेंस एसोसिएशन ने निं’दा की थी और फैसले को पुलिस के हौसले को प’स्त करने वाला बताया था. वहीं इस मामले को लेकर बिहार पुलिस एसोसिएशन 25 अगस्त को एक महत्वपूर्ण बैठक कर इस मामले में अपनी आगे की का’र्रवाई तय करने का ऐलान किया है.

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