15 अगस्त 2019 का दिन. दो खास मौके एक साथ मिल रहे थे. एक तरफ आजादी की 73वीं वर्षगांठ का जश्न मनाया जा रहा था. वहीं दूसरी तरफ रक्षाबंधन भी मनाया जा रहा था. लेकिन कांस्टेबल कविता कौशल के लिए इस बार का रक्षाबंधन काफी अलग था. इस बार राखी बांधने के लिए उनके पास भाई की कलाई नहीं थी. उनके भाई राकेश कौशल 30 अक्टूबर 2018 को एक न’क्सली ह’मले में श’हीद हो गए थे.

कविता कौशल छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल हैं. इस रक्षाबंधन भी उन्होंने राखी बांधी. लेकिन भाई की कलाई पर नहीं बल्कि उसकी बं’दूक पर. यह बं’दूक पहले राकेश कौशल के नाम से अलॉट थी. चुनाव करवाने जा रहे पुलिस की गाड़ी पर न’क्सलियों ने घा’त लगाकर ह’मला किया था. दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर के इ’लाके में. इस हम’ले में दो पुलिसवालों के साथ-साथ दूरदर्शन का एक कैमरामैन भी श’हीद हो गया था.

राकेश कौशल के शहीद होने के बाद उनकी जगह पर कविता को पुलिस की नौकरी मिली. उन्होंने अपने डिपार्टमेंट से गुजारिश की थी कि उन्हें भाई की बं’दूक ही अलॉ’ट की जाए. डिपार्टमेंट ने कविता की गुजारिश मान ली. इस रक्षाबंधन कविता ने अपने भाई की बं’दूक को राखी बांधकर एक प्रण लिया है. नक्स’लियों से अपने भाई की मौ’त का ब’दला लेने का.


Input: oddnaari