भारतीय रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, 2015-2017 के दौरान ट्रेनों की चपेट में आने से 49,790 लोगों की मौत हो गई जिनमें से सर्वाधिक मौतें (7,908) उत्तरी रेलवे ज़ोन में हुईं। गौरतलब है कि सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन करने, ओवरब्रिज का इस्तेमाल न करने और रेलवे पटरियां पार करते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की वजह से ये मौतें हुईं।