15 साल की आमना (नाम बदल दिया है) सुल्तानपुर के लंभुआ में रहती थी. वह 11वीं क्लास की स्टूडेंट थी. 8 अगस्त को वह स्कूल से लौट रही थी. गांव के ही तीन लड़कों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया. रास्ते में उसका यौन शो’षण करने की कोशिश की. जब आमना ने उसका वि’रोध किया, तो लड़कों ने गाड़ी से कु’चलकर उसे मा’र दिया.
आमना चार बहनों में सबसे बड़ी थी. उसके पिता मुंबई में मजदूरी करते हैं. मां गांव में ही रहती है. आमना और उसकी बहन नरगिस (बदला हुआ नाम) लंभुआ गांव के स्कूल में पढ़ती थीं.नरगिस ने इंडिया टुडे के रिपोर्टर आलोक श्रीवास्तव को बताया कि 8 अगस्त को वो दोनों स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर लौट रही थीं.

इस दौरान गांव के ही तीन लड़के प्रदीप, आशीष और संदीप उनका पीछा करने लगे. उन्होंने पीछे से आकर गाड़ी रोक दी और उनमें से एक लड़के ने आमना का दुपट्टा खींचा. आमना ने उनका वि’रोध किया. शो’र सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे तो आ’रोपी लड़के आमना को ध’मकी देकर वहां से चले गए.कुछ दूर जाने के बाद तीनों लड़के दोबारा लौटे और लड़की को बाइक से रौंद दिया. नरगिस ने बताया कि आमना बेहोश हो गई.
उसकी नाक और कानों से खू’न निकलने लगा. लोगों ने स्कूल के टीचर को घ’टना के बारे में बताया. इसके बाद टीचर ने उसे पास ही के एक अ’स्पताल में भ’र्ती कराया.आमना गं’भीर रूप से घा’यल थी.

निजी अ’स्पताल से उसे सुल्तानपुर जिला अ’स्पताल रिफर कर दिया गया. उसकी हालत में सुधार नहीं होने पर लखनऊ के अ’स्पताल में भ’र्ती किया गया. लेकिन आमना की हा’लत बि’गड़ती गई. 14 अगस्त को अ’स्पताल में ही उसकी मौ’त हो गई.

Input: Oddnaari