राहुल गांधी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ चुनाव जीतने में जुटे हैं, ओपीनियन पोल के नतीजे भी उनके लिए अच्छी खबर लेकर आए हैं. तीन में से दो पोल राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने की भविष्यवाणी कर चुके हैं. राहुल गांधी के करीबी बताते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष का हौसला बढ़ता जा रहा है. मी टू कैंपेन के वक्त वे इकलौते बड़े नेता थे जिसने आगे बढ़कर एमजे अकबर का इस्तीफा मांगा. शुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अकबर को एक मौका देने के पक्ष में थे. सरकार के शीर्ष नेतृत्व और पार्टी के अध्यक्ष की तरफ से एमजे अकबर को बने रहने का आदेश मिल चुका था. लेकिन जब 20 महिला पत्रकारों ने अदालत से उनकी बात सुनने की अपील कर दी तो सरकार के पास कोई और विकल्प नहीं बचा. यह गिनती 20 से आगे बढ़ती इससे पहले ही प्रधानमंत्री ने अपने मंत्री को इस्तीफा देने के लिए कह दिया.
इसके बाद भाजपा के कुछ नेता यह प्रचारित करने में जुटे कि यह मोदी का कड़ा फैसला था. लेकिन राहुल गांधी ने अपने प्रवक्ताओं को साफ हिदायत दी कि कोई भी नेता इसे कांग्रेस या राहुल की जीत नहीं बताएगा. इसे कांग्रेस महिला शक्ति की जीत ही दिखाएगी. जिस तरह से मोदी सरकार का पहला विकेट गिरा है इसके बाद राहुल कैंप में माहौल बदला-बदला सा है. एमजे अकबर के इस्तीफे को राहुल के करीबी नेता 2019 का ‘गेमचेंजर’ मान रहे हैं. लेकिन अंदर ही अंदर एक नहीं तीन ऐसे लोग हैं जो राहुल गांधी का खेल खराब कर सकते हैं….
तीन नेता जो राहुल गांधी के लिए नरेंद्र मोदी से बड़ी मुश्किल बनते जा रहे हैं
अगर वक्त रहते कांग्रेस इन तीन दिग्गजों को नहीं साध पाई तो अगले लोकसभा चुनाव में उसकी जीत होना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा
अगर वक्त रहते कांग्रेस इन तीन दिग्गजों को नहीं साध पाई तो अगले लोकसभा चुनाव में उसकी जीत होना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा
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अगर वक्त रहते कांग्रेस इन तीन दिग्गजों को नहीं साध पाई तो अगले लोकसभा चुनाव में उसकी जीत होना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा
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