जम्मू-कश्मीर प्रशासन में 50,000 नौकरियों की घोषणा, देखें..

#J&K #INDIA : जम्मू कश्मीर के हालात पर बोलते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि हर कश्मीरी का जीवन हमारे लिए मूल्यवान हैI घाटी के एक भी व्यक्ति को नुकसान हो हम ऐसा नहीं चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ है, केवल कुछ लोग जो हिं’सा फैलाने की कोशिश कर रहे थे घा’यल हुए हैं, साथ ही उन्हें भी कमर के नीचे चोटें आईं है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आगे कहा कि आज जम्मू-कश्मीर प्रशासन में 50,000 नौकरियों की घोषणा की गई है, हम युवाओं से इसमें पूरे जोश के साथ शामिल होने की अपील करेंगे और आने वाले 2-3 महीनों में हम इन पदों को भरेंगे।

उन्होंने कहा कि हम कश्मीर के कुपवाड़ा और हंदवाड़ा जिलों में मोबाइल फोन कनेक्टिविटी शुरू कर रहे हैं, जल्द ही हम अन्य जिलों में भी कनेक्टिविटी शुरू कर देंगे। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि हमने एक भी व्यक्ति की जान नहीं जाने दी। कश्मीर को लेकर कई तरह की अफवाह फैलाई जा रही है। कश्मीर में दवाओं की कोई कमी नहीं थी। मरीजों को आर्थिक मदद दी जा रही है। साथ ही राज्यपाल ने दावा किया कि जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य हैं।

इससे पहले आज सरकार ने दो केंद्रशासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर और लद्दाख- में विकास, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को देखने के लिए बुधवार को एक मंत्री समूह (जीओएम) का गठन किया। जम्मू कश्मीर और लद्दाख, केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे। केंद्र ने गत पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों-जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांटने का फैसला किया था।

सरकार के सूत्रों ने बताया कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रधानमंत्री कार्यालय में मंत्री जितेंद्र सिंह और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस समूह में शामिल हैं। समूह जम्मू कश्मीर से संबंधित मुद्दों को देखेगा। सूत्रों ने कहा कि मंत्री समूह दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में उठाए जाने वाले विभिन्न विकास, आर्थिक और सामाजिक कदमों के बारे में सुझाव देगा। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन कानून 2019 के तहत दो केंद्रशासित प्रदेश-जम्मू कश्मीर और लद्दाख-31 अक्टूबर को अस्तित्व में आएंगे। संसद ने इस महीने कानून को मंजूरी दी थी। सूत्रों ने बताया कि जीओएम की पहली बैठक सितंबर के पहले सप्ताह में होगी।

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