#UP #INDIA : वाराणसी में पीडब्ल्यूडी कार्यालय में स्थित चीफ इंजीनियर के चैंबर में बुधवार की सुबह एक ठेकेदार ने खुद को गोली से उ’ड़ा लिया। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदार परेशान था। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें अधिकारियों पर कमीशन मांगने और कमीशन नहीं देने पर भुगतान लटकाने का संगीन आ’रोप लगाया गया है। घ’टना के बाद मौके पर पहुंचे अन्य ठेकेदारों ने भी अधिकारियों पर कमीशन को लेकर कई आ’रोप लगाए हैं। पुलिस और फोरेंसिक विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। अधिकारी फिलहाल पूरे मामले पर बोलने से बचते रहे। उनका कहना है कि जो भी आ’रोप लगाए जा रहे हैं उनकी जांच होगी।

पीडब्ल्यूडी दफ्तर में सुबह करीब 11 बजे अपने चैंबर में केवल चीफ इंजीनियर अंबिका सिंह ही मौजूद थे। इसी दौरान ठेकेदार अवधेश चंद श्रीवास्तव उनके पास पहुंचा। कुछ देर बाद ही अंदर से गोली चलने की आवाज आई तो बाहर मौजूद कर्मचारियों में सनसनी फैल गई। चीफ इंजीनियर भी घबराते हुए बाहर निकले। बताया कि ठेकेदार ने खुद को गोली मार’कर आत्महत्या कर ली है। घटना की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। चीफ इंजीनियर के चैंबर में आ’त्महत्या की खबर से ह’ड़कंप मच गया। कुछ ही देर में कमिश्नर दीपक अग्रवाल, डीएम सुरेंद्र सिंह, एसएसपी आनन्द कुलकर्णी, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह भी पहुंच गए। फोरेंसिक विभाग की टीम भी पहुंची और अपने स्तर से जांच पड़ताल की।

बताया जाता है कि कबीरचौरा स्थित 100 बेड के अस्पताल का ठेका अवधेश के पास है। उसका भुगतान लम्बे समय से रुका था। इसके लिए वह कई बार चक्कर लगा चुके थे। सु’साइट नोट में ठेकेदार ने कमीशन के लिए भुगतान रोकने का अधिकारियों पर आरोप लगाया है। साथी ठेकेदारों के अनुसार अवेधश नटीनिया दाई के विश्वनाथ पूरी कालोनी नवलपुर बसही में रहते थे। परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। एक बेटा विदेश और दूसरा बीएचयू में पढ़ाई कर रहा है।