समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव ने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के समर्थन में मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा, ‘आजम खां लंबे समय से गरीबों की लड़ाई लड़ते आए हैं। उन्होंने हमेशा गरीबों की मदद की है और आज उनपर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। गरीबों की मदद करने वाला जालिम कैसे हो सकता है?’ मुलायम ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन का मामला उछालकर आजम को फंसाने की कोशिश की जा रही है। आजम ने जौहर यूनिवर्सिटी चंदे के पैसे से खरीदी है। मुलायम ने मौजूदा सरकार पर हमला बोलते हुए फिर सवाल खड़ा किया कि 2 बीघा जमीन के लिए 27 मुकदमे क्यों दर्ज करा दिए गए? मुलायम ने आजम पर दर्ज मुकदमों को बेबुनियाद और साजिश करार दिया। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं से आजम के समर्थन में आने की अपील भी की।

बताते चलें कि आजम खां पर जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े और कई अन्य मामलो में प्रशासन की ओर से 70 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इस संबंध में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की भी सहमति है मुलायम व आजम खां की दोस्ती तीन दशक से ज्यादा पुरानी है। बीच में आजम खां जरूर कुछ समय के लिए सपा से अलग हो गए थे लेकिन वह किसी दल में नहीं गए थे।

मुलायम सिंह यादव ने दो साल बाद प्रेस कांफ्रेंस की है। आजम पर प्रशासन के बढ़ते दबाव को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा है। वैसे मुलायम सियासी तौर पर अब कम सक्रिय हैं। बढ़ती उम्र व बीमारी के कारण वह लोकसभा चुनाव में भी ज्यादा जगह प्रचार पर नहीं जा सके। माना जा रहा है कि वह अपने भाई शिवपाल यादव को सपा में लाने व उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका दिलाने के इच्छुक हैं। शिवपाल अपनी अलग पार्टी बना कर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उनके इस कदम से ही सपा फिरोजाबाद जैसी अपने कब्जे वाली सीट हार गई थी। सपा बसपा गठबंधन से असहमति जता चुके मुलायम सिंह ने बरसों पुरानी अदावत भुलाते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ मंच शेयर कर और उनकी तारीफ की थी।
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