पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने मंगलवार को बताया कि पिछले जून में रूपईडीहा थाना क्षेत्र स्थित बाबागंज के निर्माणाधीन मकान में एक युवती की सिर क’टी ला’श मिली थी। उसकी शिनाख्त के लिये शव के फोटो आसपास के गांवों में बंटवाए गये। इलेक्ट्रानिक और सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। साथ ही नेपाल बार्डर का मा’मला होने के कारण नेपाली भाषा में पर्चे और फोटो छपवा कर नेपाल पुलिस की मदद से नेपाल में भी प्रचारित किया गया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
इसी बीच, मामले की छानबीन के दौ’रान सोमवार को सर्विलांस की मदद से शक होने पर पुलिस ने जमशेद नामक युवक को प’कड़ कर पूछताछ की तो वह मृ’तका का सगा भाई निकला। पूछताछ के दौ’रान उसने झूठी आन की खातिर अपनी बहन की ह’त्या का गुनाह कुबूल कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आ’रोपी जमशेद उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का निवासी है।
जमशेद के बड़े बहनोई का शादीशुदा छोटा भाई हसीम रूपईडीहा में फेरी व्यवसायी है। जमशेद की सबसे छोटी बहन रूबी (18) का हसीम से प्रेम प्रसंग हो गया था। यह बात जमशेद को नागवार थी। हसीम इस बात को लेकर उसे अक्सर चिढ़ाने लगा था। इसकी वजह से जमशेद काफी त’नाव में रहने लगा था।

