#PATNA #BIHAR #INDIA : बिहार में बाघों की सुरक्षा के लिए अब विशेष सुरक्षा दस्ता होगा। इस दस्ते में शामिल वनरक्षकों को भी पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों जैसे अधिकार मिलेंगे। उनके पास प्रतिबंधित बोर के हथियार भी होंगे और उन्हें चलाने की पॉवर भी। राज्य में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एसटीपीएफ) को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है। अब राज्य सरकार जल्द नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) के साथ अनुबंध करने जा रही है। फिर सीआरपीसी में बदलाव करके इस फोर्स के जवानों को पैरा मिलिट्री फोर्स के अधिकार दिए जाएंगे।

बाघों की सुरक्षा को लेकर बीते वर्षों में देशभर में जागरूकता बढ़ी है। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, यूपी, आसाम अपने यहां स्थित टाइगर रिजर्व के लिए स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स बना चुके हैं। अब बिहार का नाम भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है। राज्य सरकार ने वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में रहने वाले बाघों की सुरक्षा के लिए इस विशेष फोर्स के गठन को मंजूरी प्रदान की है। नब्बे युवा गार्ड इस फोर्स का हिस्सा बनेंगे।
एनटीसीए से राज्य सरकार का अनुबंध होने के बाद फोर्स में शामिल गार्डों के वेतन का आधा खर्च केंद्र सरकार देगी। अनुबंध के बाद राज्य सरकार सीआरपीसी (कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर) में बदलाव करते हुए एसटीपीएफ के जवानों को पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स की तर्ज पर हथियार रखने और जरूरत पड़ने पर उनके प्रयोग का अधिकार देगी। बता दें कि वीटीआर में बाघों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यह संख्या अब बच्चों सहित तकरीबन 45 तक पहुंच गई है।
Source ; live hindustan