पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के ब्रेक के बाद भारतीय टीम मैनजमेंट अब युवा ऋषभ पंत को खेल के तीनों फॉर्मेटों में खिला रहा है. हालांकि, यह भी सही है कि पंत के प्रदर्शन में वैसी निरंतरता नहीं रही है, जैसी उनसे उम्मीद की है, लेकिन यह उनकी क्षमता ही है, जो उन्हें तीनों फॉर्मेटों में मौका दिला रही है. ऋषभ पंत ने एक अखबार से बातचीत में कई मौदों को लेकर चर्चा की.
पंत ने कहा कि मैं कभी-कभी धोनी के साथ अपनी तुलना के बारे में सोचता हूं, लेकिन लेकिन यह बहुत ही ज्यादा मुश्किल काम है. अगर मैं उनसे सीख रहा हूं, तो फिर मैं यह नहीं सोच सकता है कि मैं रात भर में ही या पखवाड़े के भीतर ही उनके क्लब में शामिल हो सकता हूं. पंत ने कहा कि मैं सिर्फ धोनी से सीखने की कोशिश कर रहा हूं. मैं उन्हें अपना मार्गदर्शक मानता हूं.

पंत ने कहा कि मैंने धोनी से कई बातें सीखी हैं. फिर चाहे अपनी बैटिंग पर काम करने की बात हो, या फिर बैटिंग के लिए जाने से पहले मनोदशा की. वहीं, सबसे महत्वपूर्ण धोनी ने मुझे सिखाया है कि दबाव के पलों में शांत रहककर विकेटीपिंग करना. पंत ने कहा कि 21 साल की उम्र में अगर मैं यह सोचना शुरू कर देता हूं कि मुझे धोनी की जगह भरनी है, तो इससे मेरे लिए बहुत ही मुश्किल हो जाएगी. मैं हालात को सहज और आसान बनाने की कोशिश करता हूं. मैं अपनी क्षमता के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलना चाहता हूं और अपने इर्द-गिर्द मौजूद लोगों खासकर वरिष्ठों से सीखना चाहता हूं.

