सर्जि’कल स्ट्रा’इक करने और साइबर व अंतरिक्ष में हम’ले से निपटने के लिए अगले कुछ महीने में तीन नई सुरक्षा एजेंसियां अस्तित्व में आ जाएंगी। तीनों सेनाओं की मदद से गठित होने वाली इन एजेंसियों के प्रमुख सीधे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) को रिपोर्ट करेंगे, जिसकी नियुक्ति भी साल के अंत तक होने के आसार हैं।

ये तीन नई एजेंसियां डिफेंस साइबर एजेंसी (डीसीए), डिफेंस स्पेस रिसर्च एजेंसी (डीएसआरए) और आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल ऑपरेशन डिवीजन (एएफएसओडी) होंगी। सरकार की कोशिश है कि अगले छह महीने के भीतर इन एजेंसियों को सक्रिय कर दिया जाए। सूत्रों की मानें तो इन एजेंसियों को सीधे सीडीएस के अधीन रखा जाएगा।

पूर्व के प्रस्ताव के तहत चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन को रिपोर्ट करेंगे लेकिन अब सरकार ने सीडीएस के गठन का फैसला किया है जो तीनों सेनाओं के ऊपर होगा। नए प्रस्ताव के तहत तीनों एजेंसियां सीधे सीडीएस के अधीन काम करेंगी।

तीन नई एजेंसियों को सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है। करीब एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेनाओं की कमांडर कांफ्रेंस में बकायदा इन एजेंसियों के गठन को मंजूरी दी थी। अब इन्हें गठित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

तीनों एजेंसियों का मुख्यालय दिल्ली में सेना मुख्यालय में होगा। इन एजेंसियों के प्रमुख मेजर जनरल या लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारी बनाए जाएंगे। इन एजेंसियों में तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व होगा।