जानकारी के अनुसार, रेल डीएसपी स्मिता सुमन ने पीड़िता से ऑडियो मामले में जानकारी ली थी। पीडि़ता ने ऑडियो की पुष्टि कर घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद सार्जेंट मेजर से भी पूछताछ की गई थी। दोनों की वॉयस टेस्टिंग हुई, जिसमें ऑडियो की पुष्टि हो गई। पीड़िता से लिखित बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर रेल एसपी को सौंपा गया।
रेल एसपी ने निलंबन की सार्जेंट मेजर की अनुशंसा कर मुख्यालय को सौंपा। रेल डीआइजी बीएन झा ने कहा कि रिपोर्ट को बारीकी से अध्ययन करने के बाद आरोपित सार्जेंट मेजर को निलंबित कर दिया।
अश्लील हरकत मामले में नहीं हुई प्राथमिकी
महिला का ऑडियो वायरल होने के मामले में पूछताछ के बाद पुष्टि हो गई। बावजूद आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी। रेल पुलिस भी प्राथमिकी के लिए घटना का स्थान तलाशने में लगी हुई है। रेल एसपी संजय कुमार सिंह ने कहा कि नियमानुसार प्राथमिकी होनी चाहिए। वरीय अधिकारी के आदेश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।