#MP #INDIA : 2 अक्टूबर को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को पूरी तरह खुले से शौच मुक्त करने के बात कर रहे थे तभी मध्यप्रदेश के सागर में खुले में शौच को लेकर दो परिवारों के बीच हुई लड़ा’ई में डेढ़ साल के मासूम की मौ’त हो गई. वहीं खंडवा में एक शख्स को खुले में पेशाब करने से रोकना पुलिस आरक्षक को भारी पड़ गया. खंडवा में ट्रैफिक पुलिस में तैनात आरक्षक सूरज यादव ने एक युवक को उस जगह पेशाब करते देखा जहां लिखा था कि यहां पेशाब करना मना है, जब उन्होंने युवक को समझने की कोशिश की तो उसने पहले बहस की और प’त्थर से सिर पर वा’र कर भाग गया.

खंडवा जिले के एसपी शिव दयाल ने कहा, ‘मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है.’ वहीं सागर ज़िले के भानगढ़ थाना क्षेत्र के बगसपुर से दिल झकझोर कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां गांव में घर के सामने पेशाब कर रहे राम सिंह के बेटे को मोहर सिंह आदिवासी का टोकना इतना नागवार गुजरा कि उसने कथित तौर पर अपने बेटे उमेश के साथ मिलकर मोहर सिंह पर ता’बड़तोड़ लाठियां बरसा दीं.

बीच ल’ड़ाई में डेढ़ साल का मासूम आया तो उसे भी गंभीर चो’ट लग गईं और सिविल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उसे मृ’त घो’षित कर दिया. मासूम की मां की कुछ दिनों पहले मौ’त हो गई थी. मोहर सिंह मजदूरी करके अपने बच्चे को पाल रहा था. बाजार से दूध खरीदकर बच्चे को पिलाकर मजदूरी करने चला जाता था. मजबूर पिता दूध पिलाकर उसे सुलाता और घर का दरवाजा बंद कर मजदूरी करने चला जाता था. दिल को झकझोर देने वाले इस मामले में पुलिस ने रामसिंह और उमेश पर ह’त्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. इसी तरह एक हफ्ते पहले शिवपुरी में दो दलित बच्चों, 12 साल की बच्ची और 11 साल के बच्चे को हकीम सिंह यादव और रामेश्वर यादव ने खुले में शौच करने के लिए कथित रूप से पी’टा था. अस्पताल में दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया था.
