#MUZAFFARPUR #BIHAR #INDIA : जिला निबंधन कार्यालय में बुधवार को नई रजिस्ट्री नहीं की गई। सुबह से ही लोक सेवा अधिकार काउंटर नहीं खोला गया और नए कागजातों को भी स्वीकार नहीं किया गया। इससे दिनभर अ’फरातफरी मची रही। रजिस्ट्री नहीं होने पर करीब 200 से अधिक लोग निराश होकर वापस लौटे। इस दौरान 150 से अधिक लंबित दस्तावेजों का नि’ष्पादन हुआ। यही स्थिति अवर निबंधन कार्यालयों में भी रही। उधर, सरकार ने जमाबंदी अनिवार्यता अधिसूचना तैयार कर ली है। गुरुवार की देर शाम तक इसके जारी होने की उम्मीद है।

एक दिन की मांगी थी मोहलत:
सूत्रों की मानें तो सभी अवर निबंधन कार्यालय समेत जिला रजिस्ट्री ऑफिस में करीब 700 दस्तावेज लंबित थे। इनका पैसा चालान के जरिए बैंक में जमा था। उनकी रजिस्ट्री करना अनिवार्य था। इसीलिए कुछ जिलों के जिला अवर निबंधन पदाधिकारियों ने मुख्यालय से एक दिन की मोहलत देने का अनुरोध किया था। ताकि, लंबित दस्तावेजों का निष्पादन हो सके।

मची अफरातफरी रोष व्याप्त :
दस्तावेज लेखक संघ के पदाधिकारियों में रोष व्याप्त है। संघ के अध्यक्ष शशिभूषण शर्मा ने कहा कि बगैर कोई सूचना जारी हुए नई रजिस्ट्री के कागजात लेने से कर्मियों ने मना कर दिया है। इससे पक्षकार लोग परेशान हुए। दशहरा की छुट्टी से पहले ही यह जानकारी देनी चाहिए थी कि अगले आदेश तक लोक सूचना काउंटर बंद रहेगा। कोषाध्यक्ष श्यामनंदन कुमार ने कहा कि सुबह कई पक्षकारों का दस्तावेज लिखकर तैयार किया था। इसे लेकर पक्षकार जब कार्यालय में पहुंचे। तो वहां कागज लेने से मना कर दिया गया। संघ के नेताओं का आरोप है कि दस्तावेज तैयार होने में पक्षकारों को आर्थिक नुकसान हुआ है। पूर्व सूचना होती तो परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। जिला अवर निबंधक संजय कुमार ग्वालिया कहते हैं कितकनीकी कारणों से नए दस्तावेजों को स्वीकार नहीं किया गया है। पहली प्राथमिकता लंबित कागजातों को निष्पादित करना है।

Source : dainik jagran