दीपावली के छठवें दिन से शुरू होने वाले सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा की चर्चा इस वक्त काफी तेज है। चूंकि यह त्योहार पूरे परिवार के साथ धूमधाम से मनाया जाता है, इसलिए जो लोग नौकरी या व्यवसाय के सिलसिले में घर से दूर रहते हैं, वे अब छठ पूजा में घर जाने की तैयारी कर रहे हैं। आइए आपको बताते हैं इस बार कब से शुरू है छठ पूजा और किस दिन क्या होगा…कार्तिक शुक्ल षष्ठी से शुरू होने वाले 4 दिनों तक चलने वाले इस पर्व को छठ पूजा, डाला छठ, छठी माई, छठ, छठ माई पूजा, सूर्य षष्ठी पूजा आदि कई नामों से जाना जाता है।

इसकी शुरुआत 31 अक्टूबर को नहाय खाय के साथ होगी। मान्यता है कि इस दिन व्रती स्नान आदि कर नए वस्त्र धारण करते हैं और शाकाहारी भोजन लेते हैं। व्रती के भोजन करने के पश्चात ही घर के बाकि सदस्य भोजन करते हैं।दूसरे दिन यानी खरना के दिन से महिलाएं और पुरुष छठ का उपवास शुरू करते हैं, इन्हें छठ व्रती कहते हैं। इस बार खरना 1 नवंबर को है। इसी दिन शाम के समय प्रसाद बनाया जाता है। प्रसाद में चावल, दूध के पकवान, ठेकुआ (घी, आटे से बना प्रसाद) बनाया जाता है। साथ ही फल, सब्जियों से पूजा की जाती है। इस दिन गुड़ की खीर भी बनाई जाती है।छठ के तीसरे दिन शाम यानी सांझ के अर्घ्य वाले दिन शाम के पूजन की तैयारियां की जाती हैं। इस बार शाम का अर्घ्य 2 नवंबर को दिया जाएगा।

छठ व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत करते हैं और शाम के पूजन की तैयारियां करते हैं। इस दिन नदी, तालाब में खड़े होकर ढलते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। फिर पूजा के बाद अगली सुबह की पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं।छठ पूजा के चौथे दिन यानी सप्तमी को सुबह सूर्योदय के समय भी सूर्यास्त वाली उपासना की प्रक्रिया को दोहराया जाता है। विधिवत पूजा कर प्रसाद बांटा जाता है और इस तरह छठ पूजा संपन्न होती है। सप्तमी तिथि 3 नवंबर को है।


